दुनिया भर में प्रति मिनट 11 भुखमरी से मौत, ऑक्सफैम संगठन

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काहिरा, १० जुलाई : वर्तमान कोरोना महामारी और पर्यावरण संकट के साथ-साथ बढ़ते गृहयुद्ध और भुखमरी से होने वाली मौतें। कई इलाकों में सूखा कराओके प्रदर्शन कर कई लोगों की लगातार कुर्बानी दे रहा है। दुनिया भर में गरीबी उन्मूलन के लिए काम कर रहे संगठन ऑक्सफैम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में हर मिनट 11 लोग भूख से मर रहे हैं।

ऑक्सफैम संस्था ने दुनिया भर में बढ़ती गरीबी और भुखमरी पर ‘द हंगर वायरस मल्टीप्लाज’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 155 मिलियन लोग वर्तमान में सबसे खराब भोजन की कमी में जी रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनमें से दो अपने देशों में आंतरिक सैन्य संघर्ष के कारण भूखे मर रहे हैं। ऑक्सफैम के अनुसार, सूखे की स्थिति कोरोना महामारी से भी बदतर है, कोरोना वायरस से हर मिनट 7 लोगों की मौत हो रही है, और हर मिनट 11 लोग भूख से मर रहे हैं।

जहां दुनिया पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं और कोरोना के कारण आए आर्थिक संकट से जूझ रही है, वहीं ऑक्सफैम के सीईओ अबे मैक्सिम ने चेतावनी दी है कि कुछ देशों में गृहयुद्ध वहां के लोगों के लिए अभिशाप बन रहे हैं। महामारी के बावजूद वैश्विक सैन्य खर्च में 51 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। ऑक्सफैम के अनुसार, यह भोजन की कमी और गरीबी उन्मूलन को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र के अनुमान से कम से कम छह गुना अधिक है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान, इथियोपिया, दक्षिण सूडान, सीरिया और यमन में भूख से सबसे ज्यादा मौतें होती हैं। कि कुछ देशों में यह भूख हथियार बनता जा रहा है। ऑक्सफैम दुनिया भर की सरकारों से इन गृहयुद्धों को रोकने और फिर भुखमरी को रोकने का आग्रह करता है। इस बीच, ग्लोबल वार्मिंग और आर्थिक मंदी के कारण पिछले एक दशक में खाद्य कीमतों में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कई लोगों में भुखमरी का एक प्रमुख कारण भी है।

वेंकट, ekhabar रिपोर्टर