US में भारतीय मूल के छात्र का मर्डर, रूममेट था कातिल; हत्या की वजह भी चौंकाने वाली

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अमेरिका के इंडियाना में भारतीय मूल के एक छात्र की हत्या के मामले में उसी का रूममेट गिरफ्तार हुआ है। पुलिस ने आरोपी के मंसूबों को कैसे नाकाम किया, हत्या की वजह और भी चौंकाने वाली है
US में भारतीय मूल के छात्र का मर्डर, रूममेट था कातिल; हत्या की वजह भी चौंकाने वाली

अमेरिका के इंडियाना में भारतीय मूल के एक छात्र की हत्या के मामले में उसी का रूममेट गिरफ्तार हुआ है। आरोपी और मर्डर का शिकार छात्र दोनों पर्ड्यू विश्वविद्यालय में पढ़ते थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने ही घटना की जानकारी पुलिस को फोन करके दी थी। उसे लगा था कि वह बच जाएगा लेकिन पुलिस ने उसके मंसूबों को नाकाम कर घटना का खुलासा कर दिया। हत्या की वजह तो और भी चौंकाने वाली है।

इंडियाना के वेस्ट लाफायेट में पर्ड्यू विश्वविद्यालय में 20 वर्षीय डेटा साइंस के छात्र वरुण मनीष को मंगलवार देर रात उसके रूममेट ने क्रूरता से मार डाला था। एक स्थानीय इंडियानापोलिस समाचार आउटलेट WRTV, ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा कि शव परीक्षा में पाया गया था कि मनीष की मौत उस पर एक साथ कई हमले करने के बाद हुई थी। हमलावर दक्षिण कोरिया का बताया जा रहा है।

बकौल पुलिस अधिकारी, दक्षिण कोरिया के 22 वर्षीय छात्र ने खुद पुलिस को मनीष की मौत की सूचना दी और अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पर्ड्यू पुलिस प्रमुख लेस्ली विएटे ने कहा कि साइबर सुरक्षा प्रमुख जी मिन शा ने लगभग 12:45 बजे पुलिस को कॉल किया और घटना की जानकारी दी थी। घटनास्थल इंडियानापोलिस से लगभग 104 किमी उत्तर-पश्चिम में है।

पुलिस ने बताई हत्या के पीछे की वजह
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मनीष के रूममेट ने खुद ही पुलिस को इंफॉर्म किया और घटना की जानकारी दी थी। ऐसे में उस पर संदेह पहले तो नहीं गया लेकिन, जांच के बाद उसकी गतिविधि और बयान संदेह में पाए गए। सख्ती से पूछताछ के बाद उसने अपना जुर्म कबूला। हत्या के पीछे की वजह में कोई ठोस कारण नहीं है। यह अकारण और यूं ही कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों को लगता है कि वारदात के वक्त मनीष जाग रहा था।

इंडियाना में ही पला-बढञा, कई पुरस्कार भी जीते
मनीष छेदा इंडियाना में पले-बढ़े थे और उन्होंने विज्ञान में कई अकादमिक पुरस्कार जीते थे। पर्ड्यू विश्वविद्यालय के अध्यक्ष, मिच डेनियल ने विश्वविद्यालय समुदाय को लिखे एक पत्र में इस घटना को “दुखद” कहा और आश्वासन दिया कि छात्रों की सुरक्षा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।