पाकिस्‍तान में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नहीं दी जाएगी चीन की सिनोफार्म कोरोना वैक्‍सीन

0
262

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान में चीन से लाई गई सिनोफार्म कोविड-19 वैक्‍सीन का इस्‍तेमाल 60 वर्ष की उम्र से अधिक लोगों पर नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री इमरान खान के स्‍वास्‍थ्‍य मामलों के विशेष सचिव डॉक्‍टर फैसल सुल्‍तान के मुताबिक इसको इस उम्र से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए स्‍वीकृत नहीं किया गया है। उन्‍होंने पत्रकारों से हुई वार्ता के दौरान बताया है कि सरकार की एक्‍सपर्ट कमेटी ने इसके आंकड़ों का विश्‍लेषण किया है जिसमें पता लगा है कि फिलहाल ये केवल 18-60 वर्ष की आयु वर्ग के लिए ही है। लिहाजा ऐसी सूरत में इसको 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए स्‍वीकृत नहीं किया जा सकता है।

उन्‍होंने ये भी कहा है कि ये किसी भी तरह से असामान्‍य परिस्थिति नहीं है। फैसल के मुताबिक जब नई वैक्‍सीन पाकिस्‍तान को मिल जाएंगी और इसके अधिक आंकड़े हासिल हो जाएंगे तब उनके विश्‍लेषण के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि 60 वर्ष की आयु से अधिक लोगों को कौन सी वैक्‍सीन दी जाएगी तो उन्‍होंने जवाब में एस्‍ट्राजेनेका की बनाई वैक्‍सीन देने की बात कही है।

आपको बता दें कि कुछ ही दिन पहले पाकिस्‍तान ने चीन में अपना विशेष विमान भेज कर सिनोफार्म वैक्‍सीन की 5 लाख खुराक मंगवाई थी। सरकार के लिए मुताबिक ये खुराक उन्‍हें चीन की तरफ से मुफ्त में मिली हैं। पाकिस्‍तान ने इसको चीन से मिला गिफ्ट करार दिया था। इसके बाद ही पाकिस्‍तान में कोविड-19 के टीकाकरण को शुरू किया गया है। पाकिस्‍तान में शुरुआत में स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों को वैक्‍सीन दी जा रही है।

आपको यहां पर ये भी बता दें कि इसी तरह का फैसला जर्मनी ने ऑक्‍सफॉर्ड और एस्‍ट्राजेनेका की बनाई कोविड-19 वैक्‍सीन को लेकर लिया था। वहां पर इस वैक्‍सीन को 65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में लगाने के लिए मना कर दिया गया था। हालांकि विशेषज्ञों जर्मनी के इस फैसले को सही नहीं मानते हैं। पाकिस्‍तान में भी यही सवाल खड़ा हुआ है। एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन को 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगाने के बाबत डॉक्‍टर फैसल से पूछा गया कि इसको कई देशों ने इस उम्र के लोगों को लगाने की इजाजत नहीं दी है, तो उनका जवाब था कि कई देशों ने इसकी इजाजत दे रखी है।

उन्‍होंने ये भी कहा है कि पाकिस्‍तान के विशेषज्ञों ने इससे मिले आंकड़ों पर गौर किया है इसके बाद ही ये फैसला लिया गया है। जहां तक सिनोफार्म की बात है तो इस उम्र के लोगों पर मिले आंकड़ों से विशेषज्ञ सहमत नहीं हैं। चीन में भी इसको दोहराया गया है। डॉक्‍टर फैसल के मुताबिक ये काफी पेचिदा मसला है। गौरतलब है कि पाकिस्‍तान में बुधवार से कोविड-19 टीकाकरण की शुरुआत कर दी गई है।

जहां तक पाकिस्‍तान को इसकी वैक्‍सीन की बात करें तो वो विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अंतर्गत आने वाली कोवैक्‍स पर नजरें लगाए हुए हैं। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि वो विश्‍व के 145 देशों में इस प्रोग्राम से जुड़े देशों को ये वैक्‍सीन उपलब्‍ध करवाएगा। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक इस मुहिम से दुनिया की करीब 3.3 फीसद आबादी को कोविड-19 से सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी।

आपको यहां पर ये भी बता दें कि ड्रग रेगुलेटरी ऑथरिटी ऑफ पाकिस्‍तान ने अपने यहां पर इस्‍तेमाल के लिए अब तक तीन कोविड-19 वैक्‍सीन को इजाजत दी है। इनमें से एक एस्‍ट्राजेनेका है, दूसरी रूस की स्‍पुतनिक-5 है और तीसरी चीन की सिनोफार्म है। कुछ दिन पहले पाकिस्‍तान के योजना मंत्री ने कहा था कि उन्‍हें एक पत्र मिला है जिसमें कोवैक्‍सी की एक करोड़ 70 खुराक को जुलाई 2021 तक मुहैया कराने की बात कही गई थी।