पाकिस्तान नेशनल असेंबली ने देश के सशस्त्र बलों को बदनाम करने के इमरान खान के प्रयासों की निंदा की

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान नेशनल असेंबली ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा राजनीतिक उद्देश्यों के लिए देश के सशस्त्र बलों को बदनाम करने के प्रयासों की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है।

बहुमत से पारित इस प्रस्ताव में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय में जाने का आग्रह किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि नेशनल असेंबली राजनीतिक उद्देश्यों के लिए पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को बदनाम करने के लिए इमरान खान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की निंदा करता है

डॉन अखबार के अनुसार, प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि सशस्त्र बल न केवल अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं बल्कि पाकिस्तान की भौगोलिक सीमाओं के गारंटर भी हैं।

पूर्व पीएम ने एक टेलीविजन चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि अगर पाकिस्तान की सरकार सही निर्णय नहीं लेती है, तो देश तीन भागों में विभाजित हो सकता है और अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को भी खो सकता है।

पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी इमरान खान को लगाइ फटकार

पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी सहित देश के कई नेताओं ने इमरान खान को यह कहते हुए फटकार लगाई कि कोई भी पाकिस्तानी इस देश को अलग करने की बात नहीं कर सकता है। यह भाषा किसी पाकिस्तानी की नहीं बल्कि मोदी की है। इमरान खान की ताकत दुनिया में सब कुछ नहीं है, बहादुर बनो और अपने पैरों पर खड़ा होना सीखो और अब राजनीति करो।

पाकिस्तानी सेना ने इमरान खान को दिया जवाब

इमरान खान की बयानबाजी के स्पष्ट जवाब में, पाकिस्तानी सेना ने सोमवार को कहा कि देश की परमाणु क्षमता मातृभूमि की रक्षा और रक्षा की गारंटी है और देश के परमाणु कार्यक्रम से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

वही जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीजेसीएससी) के अध्यक्ष जनरल नदीम रजा ने सोमवार को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर आधारहीन और अनावश्यक टिप्पणियों से बचने पर जोर दिया।

नेशनल कमांड अथॉरिटी के डिप्टी चेयरमैन ने इस्लामाबाद में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (एनयूएसटी) में एक सेमिनार के दौरान कहा, पाकिस्तान एक जिम्मेदार और आत्मविश्वासी परमाणु देश है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा अविभाज्य है और आश्वासन दिया कि किसी भी परिस्थिति में पाकिस्तान अपने परमाणु कार्यक्रम से समझौता करने की अनुमति नहीं देगा।