दोबारा चुने गए ‘समोसा कॉकस’ के चारों भारतीय अमेरिकी सांसद

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वाशिंगटन डेमोक्रेटिक पार्टी के ‘समोसा कॉकस’ के चारों सांसदों को प्रतिनिधि सभा के लिए दोबारा चुन लिया गया है। जिन भारतवंशियों पर अमेरिकी जनता ने एक बार फिर से विश्वास जताया है, उनमें एमी बेरा, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्ति शामिल हैं। बता दें कि चुनाव से पहले राजा कृष्णमूर्ति ने पार्टी की तरफ से उम्मीदवार बनने वाले मौजूदा सांसदों को ‘समोसा कॉकस’ की उपाधि दी थी। इस समूह में कमला हैरिस भी शामिल थीं। हालांकि इस बार के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाया है।
डेमोक्रेटिक पार्टी से ताल्लुक रखते हैं जीतने वाले सभी भारतवंशी नेता
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के इतिहास में यह पहली बार है जब भारतीय-अमेरिकी समुदाय को लुभाने में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। अमेरिका में लगभग 40 लाख भारतीय-अमेरिकी समुदाय है, जिसमें से 25 लाख मतदाता हैं। फ्लोरिडा, जॉर्जिया, मिशिगन, नार्थ कैरोलिना, पेंसिलवेनिया और टेक्सास जैसे कांटे के मुकाबले वाले प्रांतों में भारतीय-अमेरिकी मतदाता प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से चुनाव जीतने वालों में डॉ. हीरल तिपिरनेनी का नाम भी जुड़ सकता है। वह एरिजोना में रिपब्लिकन उम्मीदवार डेविड श्वेकिर्ट से आगे चल रही हैं। 55 वर्षीय प्रमिला जयपाल भारतीय मूल की पहली अमेरिकी महिला थीं, जिन्हें वर्ष 2016 में प्रतिनिधि सभा के लिए चुना गया था। 47 वर्षीय राजा कृष्णमूर्ति ने लिबर्टेरियन पार्टी के प्रेस्टन नेल्सन को आसानी से हरा दिया। उन्हें लगभग 71 फीसद वोट मिले। 44 वर्षीय रो खन्ना ने भारतीय मूल के रीतेश टंडन को हराया। रो खन्ना लगातार तीसरी बार जीते हैं।
समोसा कॉकस के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. एमी बेरा ने लगातार पांचवी बार जीत दर्ज की है। इनके अलावा भारतीय मूल के प्रेस्टन कुलकर्णी रिपब्लिक प्रत्याशी ट्रॉय नेल्स को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। कुछ भारतीय मूल के प्रत्याशियों को रिपब्लिकन पार्टी ने भी टिकट दिया था, लेकिन उनमें से कोई भी जीत हासिल नहीं कर सका है। रिपब्लिकन मंगा अनंतमुला डेमोक्रेटिक प्रत्याशी गेरी कोनोली से हार गए हैं। पहली बार भाग्य आजमा रहीं रिपब्लिकन निशा शर्मा को भी हार का सामना करना पड़ा है।