Exclusive: इशांत शर्मा बोले- गेंद के स्वभाव को आसानी से समझ जाता है अच्छा गेंदबाज

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नई दिल्ली : भारतीय टीम के तेज गेंदबाज पिछले दो साल से विदेशों में ही नहीं भारतीय सरजमीं पर भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। कभी भारतीय पिचों पर अनिल कुंबले, हरभजन सिंह, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव के भरोसे टीम इंडिया टेस्ट मैच जीतती थी, लेकिन अब वही काम इशांत शर्मा, उमेश यादव और मुहम्मद शमी कर रहे हैं। भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह के नहीं खेलने के बावजूद भारतीय तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और उनकी बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका व बांग्लादेश का टेस्ट सीरीज में सूपड़ा साफ किया। कोलकाता में गुलाबी गेंद से हुए पहले डे-नाइट टेस्ट में इशांत ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 12 साल में पहली बार घर मे पारी में पांच विकेट लिए। उन्होंने इस मैच में नौ और सीरीज में 12 विकेट लिए। अभिषेक त्रिपाठी ने गुलाबी टेस्ट के मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज इशांत शर्मा से विशेष बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश :-

-बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज के अपने प्रदर्शन को कैसे देखते हैं?

एक खिलाड़ी के रूप में हमेशा अच्छा प्रदर्शन करने का लक्ष्य रहता है। बांग्लादेश के खिलाफ यह टेस्ट यादगार रहा। भारत में पारी में पांच विकेट झटकना और मैन ऑफ द मैच के साथ मैन ऑफ द सीरीज बनना विशेष है। मेरे लिए यह सीरीज हमेशा यादगार रहेगी।

-लाल गेंद और गुलाबी गेंद में क्या अंतर देखा? एक गेंदबाज के तौर पर आपके लिए गुलाबी गेंद से गेंदबाजी कैसी रही?

लाल गेंद सुबह के समय स्विंग ज्यादा होती है। गुलाबी गेंद फ्लड लाइट में ज्यादा स्विंग होती है। दोनों गेंदों का स्वभाव अलग है, लेकिन एक अच्छा गेंदबाज जल्द ही इसको समझ जाता है। मैंने इससे अभ्यास किया और उसका फायदा मुझे मिला। कुल मिलाकर गुलाबी गेंद से मेरा अनुभव अच्छा ही नहीं, बल्कि यादगार भी रहा।

-12 साल बाद अपने देश में पारी में पांच विकेट लेना कितना महत्वपूर्ण है और इसके पीछे की वजह क्या है?

हर गेंदबाज हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है। मैंने पहले भी भारत मे अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन पारी में पांच विकेट पिछले मैच में मिले, जो खास है। अच्छी बात यह है कि मेरे प्रदर्शन से टीम जीती। टीम का जीतना महत्वपूर्ण है। पिछले दो साल से सारे टेस्ट बाहर थे, जहां मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा और विकेट भी मिले। दो साल बाद देश में टेस्ट खेलने का मौका मिला और मैंने यहां भी अच्छा किया।

-पिछले डेढ़-दो साल में आपकी गेंदबाजी में बहुत परिवर्तन दिखा है? क्या कोई खास बदलाव किया है?

विकेट का कॉलम भरने (ज्यादा विकेट मिलने) के कारण लोग मेरे प्रदर्शन पर ध्यान दे रहे है। मैं हमेशा की तरह पूरी ईमानदारी से अभ्यास करता हूं। अभ्यास हमेशा से ही मेरी प्राथमिकता रहा है। मेरे प्रदर्शन की यही वजह है।

-अभी आपने इस सीरीज में नई गेंद (लेग कटर) फेंकी? उसके बारे में बताएं?

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मैंने इंग्लैंड में भी टेस्ट सीरीज में लेग कटर डाली थी। उसका अनुभव अच्छा रहा। उस गेंद का प्रयोग यहां भी किया।

ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड के पिछले दौरे में आपकी गेंदबाजी शानदार रही। अगले साल न्यूजीलैंड का दौरा है। विदेशी दौरों पर आप अपने प्रदर्शन को कैसे देख रहे हैं? न्यूजीलैंड दौरा कितना कठिन रहेगा?

विदेश की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद करती हैं। वहां हमें स्विंग ज्यादा मिलती है और यह मेरे लिए अच्छा है। अगले साल हमें न्यूजीलैंड में दो टेस्ट खेलने हैं। हम वहां भी अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत वो हमारे लिए अहम दौरा होगा।

-हाल के दिनों में भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण की बहुत बात हो रही है। आपकी नजर में उमेश, आपका और शमी का संयोजन कैसा है? गेंदबाजी करते समय आपस मे कैसे बात करते हैं?

हम हमेशा टीम स्प्रिट में रहते हैं। टीम के सारे साथी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। टीम का माहौल बहुत अच्छा है।

आजकल आपके वाराणसी के गंगा भ्रमण के चर्चे खूब हैं। वाराणसी के प्यार और वहां के लगाव के बारे में बताएं?

शादी के बाद से बनारस आना-जाना लगा रहता है। मेरी ससुराल वहां है। खिलाड़ियों वाले परिवार में शादी हुई है। उनके साथ शांति से समय बीत जाता है। गंगा में नाव में सैर करना वहां का लौंगलता खाना पसंद है।