हार के बाद विराट कोहली ने पल्ला झाड़ा! जिन गेंदबाजों ने वर्ल्ड नंबर वन बनाया, उन्हीं पर बरस पड़े

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क्राइस्टचर्च. टीम इंडिया (Team India) को दुनिया की सबसे मजबूत टीम और दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम बनाने में आधे से ज्यादा हाथ गेंदबाजों का रहा. आर अश्विन (R Ashwin), इशांत शर्मा (Ishant Sharma) और जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाजों ने टीम को हर मुश्किल समय से बाहर निकाला और अकेले दम पर मैच जितवाए. न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी जहां भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह से नाकाम रहे, वहीं भारतीय गेंदबाज ही टीम के संकटमोचक बनते नजर आ रहे थे. सिर्फ गेंदबाजों ने ही भारतीय टीम की जीत की उम्मीदों को बनाए रखा था.

पहले टेस्ट मैच में इशांत शर्मा ने एक पारी में पांच और अश्विन ने तीन विकेट लिए तो क्राइस्टचर्च में तो गेंदबाजों ने टीम की मैच में वापसी करवा दी थी. खराब बल्लेबाजी के कारण टीम इंडिया (Team India) दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में 242 रनों पर ही सिमट गई, मगर इसके बाद मोहम्मद शमी ने 4, जसप्रीत बुमराह ने 3 और अश्विन ने दो विकेट लेकर मेजबान की पारी को 235 रन पर ही समेट दिया. हालांकि इस मौके का फायदा भारतीय बल्लेबाज नहीं उठा पाए और दूसरी पारी में सिर्फ 124 रन ही बना सके.

‘लंबे समय तक सही गेंदबाजी नहीं करवा पाए गेंदबाज’
गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने हार का जिम्मेदार उन्हें ही ठहरा दिया. मैच गंवाने के बाद कोहली ने कहा कि उनके गेंदबाज लंबे समय तक सही क्षेत्र में गेंदबाजी नहीं कर पाए. न्यूजीलैंड (New Zealand) टीम ने काफी दबाव बनाया. टीम इंडिया सही से अपनी योजना पर काम नहीं कर पाई और न्यूजीलैंड की टीम अपनी योजना पर चलती रही. उन्होंने कहा कि गेंदबाजों की कोशिश और अटैक के लिए बल्लेबाज पूरी जिम्मेदारी नहीं निभा पाए. हालांकि बाद में कोहली ने कहा कि गेंदबाजी अच्छी थी. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि वेलिंगटन में गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की थी. उन्होंने टॉस के बारे में कहा कि आप लोग इसे हार का कारण मान सकते हें , मगर वह ऐसा नहीं मानते. इसने इंटरनेशनल टीम के रूप में हर टेस्ट मैच में गेंदबाजों को अतिरिक्त फायदा दिया. उन्होंने कहा कि वह कोई बहाना नहीं बनाएंगे, इस हार से वह सबक लेंगे और आगे बढ़ेंगे. कोहली ने कहा कि टेस्‍ट में टीम वह क्रिकेट नहीं खेल पाई, जो वह चाहते थे.