दिनेश कार्तिक ने खेली करियर की सबसे महान पारी, छक्का लगाकर भारत को जिताई थी निदास ट्रॉफी

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नई दिल्ली : Nidahas Trophy final 2018: विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक सितंबर 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। एमएस धौनी की अनुपस्थिति और उनके दमदार प्रदर्शन की वजह से दिनेश कार्तिक क्या, बाकी विकेटकीपर बल्लेबाजों को भी एक दशक से ज्यादा समय तक ज्यादा मौके नहीं मिले। हालांकि, जब भी दिनेश कार्तिक को मौका मिला तो वे अपनी छाप छोड़ने में उतने सफल नहीं हो पाए, लेकिन आज से ठीक दो साल पहले आज ही के दिन दिनेश कार्तिक ने अपने करियर की सबसे महान पारी खेली थी।

दरअसल, रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम श्रीलंका में ट्राई सीरीज खेलनी गई थी। इस ट्राई सीरीज का नाम निदास ट्रॉफी (Nidahas Trophy) था। टी20 फॉर्मेट में खेली गई इस निदास ट्रॉफी में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने फाइनल में जगह बनाई, जहां उनका सामना बांग्लादेश की टीम से होना था, क्योंकि मेजबान श्रीलंकाई टीम फाइनल की रेस से बाहर हो गई थी। इसी टूर्नामेंट के फाइनल में दिनेश कार्तिक ने भारत की ओर से आखिरी गेंद पर छक्का ठोका था और भारत को एक ऐतिहासिक जीत दिलाई थी।

18 मार्च 2018 को हुए निदास ट्रॉफी के फाइनल मैच में भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी। ऐसे में पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 166 रन बनाए। बांग्लादेश की ओर से सब्बीर रहमान ने 50 गेंदों में 77 रन की पारी खेली थी। सब्बीर के अलावा कोई भी बांग्लादेशी खिलाड़ी बड़ी पारी नहीं खेल सका। वहीं, भारतीय टीम की ओर से युजवेंद्र चहल ने 3 विकेट और जयदेव उनादकट ने 2 विकेट अपने नाम किए थे।

167 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिली थी, क्योंकि 32 रन पर भारत के 2 विकेट गिर गए थे। इसके बाद कप्तान रोहित शर्मा ने केएल राहुल के साथ 51 रन की साझेदारी कर मैच बनाया। इस बीच केएल राहुल 24 रन बनाकर आउट हो गए। केएल राहुल के बाद रोहित शर्मा 42 गेंदों में 56 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, मनीष पांडे 27 गेंदों में 28 रन बनाकर आउट हुए। भारतीय टीम को अब 12 गेंदों में 34 रन की दरकार थी और क्रीज पर दिनेश कार्तिक आए, जिन्होंने साबित कर दिया कि वे अनुभवी बल्लेबाज हैं।

बांग्लादेश की ओर से 19वां ओवर रुबेल हुसैन ने फेंकने की जिम्मेदारी संभाली। क्रीज पर दिनेश कार्तिक थे, जिन्होंने रुबेल हुसैन की पहली गेंद पर छक्का जड़ दिया। दूसरी गेंद पर कार्तिक ने चौका जड़ दिया। तीसरी गेंद पर दिनेश कार्तिक ने फिर से छक्का जड़ा और मैच में जान डाल दी। चौथी गेंद पर कोई रन नहीं बना, लेकिन पांचवीं गेंद पर कार्तिक ने 2 रन दौड़कर लिए और फिर छठी गेंद पर चौका जड़ दिया। इस तरह दिनेश कार्तिक ने 6 गेंदों में 22 रन बटोरे। अब यहां से भारत को जीत के लिए 6 गेंदों में 12 रन चाहिए थे, जो कठिन लग रहे थे।

6 गेंदों में 12 रन कोई बड़ी बात नहीं थी, लेकिन अब क्रीज पर विजय शंकर थे, जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। विजय शंकर के सामने पार्टटाइम गेंदबाज सौम्य सरकार थे। सरकार की पहली गेंद वाइड हो गई। फिर से जब पहली गेंद फेंकी तो उस पर विजय शंकर कोई रन नहीं ले पाए। दूसरी गेंद पर शंकर ने एक रन लिया। तीसरी गेंद पर फिर से दिनेश कार्तिक क्रीज पर आ गए, लेकिन एक रन ले पाए। चौथी गेंद पर विजय शंकर ने चौका जड़ दिया। अभी भी 2 गेंदों में भारत को जीत के लिए 5 रन चाहिए थे।

पांचवीं गेंद पर विजय शंकर कैच आउट हो गए, अच्छी बात ये रही कि क्रीज पर दिनेश कार्तिक पहुंच गए थे। सभी को उम्मीद थी कि दिनेश कार्तिक अपने अनुभव का फायदा उठाएंगे और चौका जड़कर मैच को सुपर ओवर में पहुंचा देंगे, क्योंकि एक गेंद पर जीत के लिए 5 रन चाहिए और मैच टाई करने के लिए 4 रन। दिनेश कार्तिक ने सौम्य सरकार की गेंद को कवर के ऊपर से मारा दो फ्लैट सिक्स था। इसी के साथ भारत ने निदास ट्रॉफी का फाइनल जीत लिया और बांग्लादेश के खिलाड़ियों की आखों में आंसू आ गए।

इस मैच में दिनेश कार्तिक ने महज 8 गेंदों में 2 चौके और 3 छक्कों की मदद से 29 रन तूफानी पारी खेली थी। इस दौरान उनका स्ट्राइकरेट 362.50 का रहा था। मैच जिताने के लिए दिनेश कार्तिक को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला था। ऐसे में कह सकते हैं कि दिनेश कार्तिक के करियर की ये सबसे महान पारी थी, क्योंकि उन्होंने इससे पहले कभी भी किसी बड़े मैच में भारत के लिए हिस्सा नहीं लिया था और न ही वे कभी इतनी कमाल पारी खेल पाए थे।