B’day Special: तेज गेंदबाज बनाना चाहता था, भारत का यह सबसे सफल चाइनामैन

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नई दिल्ली: टीम इंडिया (Team India) इस समय दुनिया के बेहतरीन टीमों में एक है. लेकिन पिछले कुछ समय इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी तेज गेंदबाजी है. एक तरफ जहां भारत में बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं वहीं इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय स्पिन का दबदबा कम होता दिखाई दे रहा है इसकी वजह यह नहीं कि टीम में स्पिन की धार कम हो गई है. बल्कि इस टीम का स्पिन विभाग भी हुनरमंद फिरकी गेंदबाजों से भरा है जिसमें कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) कलाई के स्पिनर्स की अगुआई करते नजर आते हैं. कुलदीप शनिवार को 25 साल के हो रहे हैं.

पहले मैच से ही छा गए थे कुलदीप
टीम इंडिया (Team India) के सबसे सफल चाइनामैन कुलदीप यादव 14 दिसंबर 1994 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में जन्में और 2017 में इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण करते ही पहले टेस्ट में सात विकेट लेकर खास पहचान बना ली. कुलदीप इन दिनों भले ही टीम इंडिया (Team India) की प्लेइंग इलेवन में नियमित तौर पर नजर नहीं आते हों, लेकिन इससे न तो उनके रुतबे में कुछ कमी आई है न ही टीम में उनकी अहमियत में .

पेसर बनना चाहते थे, पर बन गए चाइनामैन
कुलदीप यादव बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक रखते थे और धीरे धीरे उनमें इस खेल के प्रति गंभीरता बढ़ती गई और क्रिकेटर बनने के लिए उन्हें परिवार से भरपूर सहयोग मिला. शुरुआत में कुलदीप तेज गेंदबाज बनना चाहते थे, लेकिन कोच कपिल पांडे की सलाह पर वे कलाई के स्पिनर बन गए.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक ने चमकाया नाम
पहले 2012 में आईपीएल में खेल चुके कुलदीप 2017 में ही टीम इंडिया (Team India) में आ पाए. 21 सितंबर 2017 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता में हैट्रिक ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 2018 में वे टीम इंडिया (Team India) में टी20 टीम के एक अहम स्पिनर थे, लेकिन 2019 में उन्हें टीम (Team India) के लिए केवल दो ही टी20 मैच खेलने का मौका मिला. न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मैच में कुलदीप ने चार ओवर में 26 रन देकर दो विकेट लिए. जबकि हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 45 रन देकर दो विकेट लिए.

इस साल 20 वनडे खेले कुलदीप ने
कुलदीप ने इस साल अपने करियर के 53 में से 20 वनडे मैच खेले इनमें उऩ्होंने 5.31 की इकोनॉनी और 32.62 के औसत कुल 29 विकेट लिए. औसत और इकोनॉमी के लिहाज से कुलदीप का प्रदर्शन स्तर कुछ कम हुआ है. वहीं कुलदीप को पिछले एक साल में केवल एक टेस्ट में खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने एक पारी में पांच विकेट हॉल हासिल किया.

आज भी कप्तान की खास पसंद हैं कुलदीप
इस साल कुलदीप टीम इंडिया (Team India) ने ज्यादा मैच नहीं खेल सके तो उसकी वजह सिर्फ यही रही कि वे टीम इंडिया (Team India) की रणनीति में उनकी जगह हमेशा नहीं रह सकती थी जहां टीम के पास विविधता भरे विकल्प मौजूद रहे. बेशक कुलदीप की गैर मौजूदगी में टीम इंडिया (Team India) की सफतला में कोई कमी नहीं आई, लेकिन कुलदीप आज भी भारत के बेहतरीन कलाई के गेंदबाज हैं और कप्तान विराट उनके हुनर को तुरुप के पत्ते की तरह इस्तेमाल करते हैं.