संसद का शीत सत्र आज से, पीएम मोदी बोले, हम सभी मुद्दों पर चाहते हैं सार्थक चर्चा

0
117

नई दिल्‍ली : Winter Session of Parliament संसद का शीतकालीन सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। इस सत्र में सरकार का जोर नागरिकता संशोधन विधेयक समेत कई अहम बिल पास कराने पर होगा। दूसरी ओर विपक्ष आर्थिक सुस्‍ती, कृषि संकट और बेरोजगारी के मसले पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। यही नहीं विपक्ष राफेल सौदे की जांच के लिए जेपीसी के गठन और महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा कराने की मांग भी कर सकता है।

सत्र की शुरुआत से पहले पीएम मोदी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि साल 2019 का यह आखिरी सत्र बेहद महत्‍वपूर्ण रहने वाला है। हम सभी मुद्दों पर विपक्ष के साथ सार्थक चर्चा चाहते हैं। संवाद हो, हर कोई अपने विवेक के जरिए सदन को सार्थक बनाने में मदद करे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सकारात्मक भूमिका वाला पिछला सत्र महत्‍वपूर्ण सिद्धियों से भरा रहा था। हमें उम्मीद है कि इस सत्र से भी बेहद सकारात्मक नतीजे निकलेंगे। हम चाहते हैं कि सभी मुद्दों पर चर्चा चाहे हैं।

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, बीजू जनता दल (Biju Janata Dal, BJD) बैंकिंग और दूरसंचार कवरेज के विस्तार के साथ-साथ ओडिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग की मांग करेगा। राज्‍य सभा में बीजद के सांसद सस्‍म‍ित पात्रा (Sasmit Patra) ने बताया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण बिल के मसले को भी जोर-शोर से उठाएगी। साथ ही हम सीबीएसई की फीस में बढ़ोतरी, बाली जात्रा को राष्ट्रीय समुद्री विरासत उत्सव के रूप में मान्यता देने और जिला खनिज निधि के लिए आयकर छूट के मसलों को संसद में उठाएंगे।

समाचार एजेंसी पीटीआइ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जम्मू-कश्मीर के हालात, आर्थिक सुस्‍ती, बेरोजगारी, कृषि संकट और नागरिकता संशोधन विधेयक कुछ ऐसे मसले हैं जो सत्र को गरम रखने का काम करेंगे। विपक्ष इन मसलों पर सरकार को घेर सकता है। नागरिकता संशोधन विधेयक, 1955 के नागरिकता अधिनियम के कुछ प्रावधानों में संशोधन के लिए पेश किया जा रहा है। सरकार ऐसे प्रावधान चाहती है जिससे बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता मिल सके। विपक्षी दलों को इस पर एतराज है।

सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष को भरोसा दे चुके हैं कि सरकार सदन के नियमों व प्रक्रियाओं के दायरे में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सूत्रों की मानें तो 18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में सरोगेसी (रेगुलेशन) बिल, ई-सिगरेट पर पाबंदी समेत 47 बिल एवं प्रस्ताव संसद में रखे जाने हैं। बता दें कि पिछला सत्र लोकसभा के इतिहास में सबसे सफल सत्र रहा था। इस दौरान 35 विधेयक पारित हुए थे और राज्यसभा से 32 विधेयकों को मंजूरी मिली थी।