कैबिनेट में उठा बिजली कटौती का मुद्दा, मंत्री बोले-अब लोग बर्दाश्त नहीं करते

0
259

भोपाल । प्रदेश में चल रही बिजली कटौती का मुद्दा मंगलवार को कैबिनेट बैठक में उठा। लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि लोगों को अब बिजली की आदत हो चुकी है। वे अब कटौती को बर्दाश्त नहीं करते हैं। भले ही ऊंची दर पर बिजली मिले, पर यह मिलनी ही चाहिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिजली व्यवस्था को लेकर हुए प्रस्तुतिकरण के बाद अधिकारियों से साफ कहा कि बिजली आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। दो दिन बाद इस बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए। बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद 15 सितंबर तक करने का निर्णय लिया गया। साथ ही ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता हाकी टीम के सदस्य विवेक सागर प्रसाद को उप पुलिस अधीक्षक पद पर विशेष नियुक्ति देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुछ मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। ऊर्जा विभाग ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि कम वर्षा की वजह से जलाशय खाली हैं, इसकी वजह से जल विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। कुछ ऊर्जा संयंत्र रखरखाव पर हैं, जिसके कारण कम बिजली उत्पादित हो रही है। कोयले की भी कमी है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि पहले की तुलना में 39 फीसद अधिक बिजली दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों से कहा कि कार्यक्षमता में सुधार लाइए। ऐसी स्थिति किसी भी कीमत पर नहीं आनी चाहिए। लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि किसान अब दो से तीन फसलें लेते हैं। इसी हिसाब से दरें रखी जाएं। सब्सिडी कम रखे। वहीं, उन्होंने जिन प्रदेशों में बिजली आपूर्ति को लेकर अच्छा काम हुआ है, उनका अध्ययन कराया जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यहां बेहतर काम हुआ है पर गुजरात और महाराष्ट्र को काम बेहतर है। ऊर्जा मंत्री ने बैठक में बताया कि प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे के साथ कार्ययोजना तैयार कर ली है।

नवभारत साक्षरता अभियान चलेगा

इसके तहत15 साल से अधिक आयु के निरक्षर व्यक्तियों को साक्षर करने का लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2025-26 तक 32 लाख व्यक्तियों को साक्षर किया जाएगा। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में 966 गांवों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया गया। हर घर में नल से पेयजल पहुंचाने के लिए नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। उद्योगो को प्रोत्साहन देने और रोजगार के अवसर बनाने के लिए मोहना (इंदौर), लमतरा (कटनी), रतलाम और जावरा में बहुद्देश्यीय औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया है।