ज्योतिरादित्य सिंधिया के धुरविरोधी रहे पवैया व झा को सक्रिय करने का संघ का निर्देश

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भोपाल। बारिश से सराबोर मध्य प्रदेश में मौसमी पारा भले ही गोते लगा रहा हो, लेकिन भाजपा के सदस्यता अभियान और कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन से ग्वालियर-चंबल संभाग में ‘सियासी पारा’ परवान पर है। विधानसभा की 27 सीटों पर उपचुनाव की आहट ने यहां हलचल तेज कर दी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने से राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। ऐसे में हर चेहरे की भूमिका भी बदल रही है। कभी महल (सिंधिया परिवार) के विरोध में बुलंद स्वर से सुर्खियों में रहने वाले प्रभात झा और जयभान सिंह पवैया भी इससे अछूते नहीं रहे। उन्हें ग्वालियर-चंबल में सक्रिय करने के निर्देश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भाजपा को दिए हैं।

माना जा रहा है कि दोनों के ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ खड़े होने से चुनावी फिजा भाजपा के पक्ष में तो होगी ही, कांग्रेस की चुनौती बढ़ जाएगी। उसके पास अभी सिंधिया को टक्कर देने वाला चेहरा नहीं है। पार्टी को पता है कि झा-पवैया का चुनावी परिदृश्य से गायब रहना कांग्रेस के लिए बड़ा मौका साबित हो सकता है।

पार्टी सूत्र बताते हैं कि पवैया की नाराजगी दूर करने के लिए एक दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनसे आधा घंटे एकांत में बातचीत की थी। प्रभात झा को भी कुछ दिन पहले ग्वालियर ये कहकर भेजा गया था कि उन्हें वहां की 16 सीटों का प्रभारी बनाया जाएगा। हालांकि, इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

दोनों क्यों हैं अहम

जयभान सिंह पवैया राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक थे। इसके बाद वे सांसद सहित शिवराज सरकार में मंत्री भी रहे। प्रभात झा लंबे समय तक मप्र भाजपा के मीडिया प्रभारी रहे। फिर कमल संदेश सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं का जिम्मा संभाला। अभी भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। नरोत्तम-यशोधरा नहीं पहुंचेगृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी सिंधिया की मौजूदगी से खुश नहीं दिखते। मिश्रा भी भाजपा के तीन दिन के महासदस्यता अभियान के दौरान अपने गृह क्षेत्र में ही रहे। मंत्री यशेधरा राजे सिंधिया भी अब तक उपचुनाव में सक्रिय नहीं हुई हैं।

पवैया बोले-सांप की दो जीभ होती हैं

उधर, सोमवार को पवैया ने एक ट्वीट कर अपने इरादे साफ कर दिए कि वे किसी भी हालत में झुकने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने लिखा कि सांप की दो जीभ होती हैं और आदमी की एक। सौभाग्य से हम मनुष्य हैं। राजनीति में वक्त के साथ दोस्त-दुश्मन बदल सकते हैं पर मेरे लिए सैद्धांतिक तौर पर कल जो मुद्दे थे, वे आज भी हैं। जयश्री राम। जाहिर है पवैया ने अपना मन्तव्य साफ कर दिया है। उन्होंने सांप किसे कहा, क्यों कहा, इसके कई तरह के सियासी अर्थ निकाले जा रहे हैं।

कमान सिंधिया-शिवराज के हाथ

उपचुनाव के प्रचार की कमान राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों में हैं। दोनों नेताओं ने पिछले तीन दिन से ग्वालियर में डेरा डाला हुआ है। वहीं, मध्‍य प्रदेश भाजपा के मुख्‍य प्रवक्‍ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा आगामी उपचुनाव में सभी 27 सीटों को जीतने की तैयारी कर रही है। चुनाव में सभी वरिष्ठ नेताओं की सहभगिता सुनिश्चित की जाएगी। स्वाभाविक है पवैया और झा दोनों ही पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। पार्टी उनकी सहभागिता भी सुनिश्चित करेगी।