पिता ने तकिए के नीचे रखे 10000 रुपये और बदल गई ‘रैपर रफ्तार’ की दुनिया

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नई दिल्ली : रफ्तार को लोग उनके गाने और रैप की वजह से जानते हैं। वह इस वक्त इंडस्ट्री के बेहतरीन रैपर में से एक हैं। उन्होंने बताया है कि इस सफ़र में वह कैसे पहुंचे। रफ्तार ने बताया है कि कैसे उन्होंने अपनी सेल्समैन की नौकरी छोड़ी। इस नौकरी के बाद कैसे म्यूजिक उनका पैशन बन गया। रफ्तार ने बताया कि उनके पिता ने करियर और म्यूजिक को फॉलो करने के लिए पूरी छूट दी।

रफ्तार ने अपने करियर को लेकर नेहा दूपिया से उनके शो ‘नो फ्लिटर’ पर बात की। रफ्तार ने इस शो में बताया, ‘करना बिलकुल पहले से था। मैं आपको एकदम स्पष्ट बताता हूं। साल 2006 में यूसीबी में मैंने सेल्समैन की जॉब की थी। पर उस जॉब पर मेरे पापा ने कुछ ऐसा किया था, जिस वजह से मैंने कहा- बस इन्होंने छूट दे दी। मुझे अब लड़ना ही पड़ेगा।’

रफ्तार ने आगे बताया,’मेरी सैलरी 10,000 रुपये थी। मेरे पापा की सैलरी 12,000 रुपये थी। वो उसमें से 10,000 रुपये निकालकर मेरे तकिए के नीचे रखकर चले गए। बोले कि जाने की जरूरत नहीं है, ये ले तेरी सैलरी। उस दिन निर्णय कर लिया था कि अब छूट सामने से उन्होंने दे दी है। मैं एसक्यूज़ नहीं दे सकता था कि मैं इसलिए नहीं कर पाया कि मेरे मां-बाप ने साथ नहीं दिया। मेरे मां-बाप कहते थे, आजमा ले अपनी किस्मत। कुछ ना हुआ, तो एक दुकान खोल लेंगे, भूखा नहीं मरेगा।’

रफ्तार ने बताया कि उन्होंने लिखना कैसे शुरु किया। उन्होंने कहा, ‘मैं 7वीं में था, तब से लिखना शुरू कर दिया था। मुझे नहीं पता मैंने रैप की कब लिखना शुरू किया। शायद वह रैप नहीं था, एक अच्छी तुकबंदी थी। एक समय आया, जब मैंने गाने लिखना शुरू कर दिया। जब कक्षा 9वीं में था, तब एमपी 3 का जमाना आया। मेरे दोस्त ने मुझे एक सीडी दी, जिसमें एमिनम और लिंकिन पार्क के सॉन्ग थे। इसमें बैंड क्वीन का रीमिक्स था। इस गाने में छोटा-सा रैप भी था। मुझे सुनकर लगा कि यह ग्रेट है। यह कुछ ऐसा था, जैसा राइम मैं करता था। यह ऐसा था जैसा मैं सोचता था, मतलब क्यों बार बार सिर्फ प्यार मोहब्बत। यह ऐसा है कुछ जिससे मैं खुद को जोड़ पाया, बस यहीं से की शुरुआत।’