शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के घंटे भर के अंदर बीजेपी में शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन, तीन महीने तक इंतजार करते रहे सीएम

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस के बागी ज्योतिरादित्य सिंधिया की मदद से सरकार बनाने के तीन महीने से भी ज्यादा समय गुजरने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार (02 जुलाई) को दूसरी बार अपने मंत्रिपरिषद का विस्तार किया। इसमें बीजेपी ने पूर्व कांग्रेस नेता को उनके नौ मुख्य समर्थकों को मंत्रिपरिषद में शामिल कर पुरस्कृत किया है।
सिंधिया गुट के 9 लोगों को गुरुवार को मंत्री बनाया गया। दो पहले ही मंत्री बन चुके थे। इनके अलावा कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए बीजेपी में जाने वाले 22 विधायकों में शामिल तीन अन्य पूर्व कांग्रेसी नेताओं को भी मंत्रिमंडल विस्तार में जगह मिली है।
हालांकि, मंत्रिपरिषद विस्तार के कुछ घंटों के भीतर ही बीजेपी में विरोध के सुर उठने लगे। इंदौर के विधायक रमेश मेंदोला, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विश्वासपात्र और मंदसौर विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया के समर्थकों ने अपने नेता को मंत्री नहीं बनाए जाने पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
सीएम चौहान को इसका अंदाजा पहले से भी था, शायद यही वजह रही कि उन्होंने दिल्ली में कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल करने की आवश्यकता के बारे में पार्टी हाईकमान को समझाने की कोशिश दो दिनों तक की। इसके अलावा बुधवार देर रात तक भोपाल में भी बातचीत जारी रही। जब बात नहीं बनी तो अंत में, चौहान ने मंथन से जहर पीने के आरोप के माध्यम से अपनी निराशा व्यक्त की, जबकि किसी और को अमृत मिला।
शिवराज सिंह चौहान ने 72 दिनों बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इसमें देरी हुई क्योंकि बीजेपी ने मंत्री पद के लिए चेहरे चुनने में सख्ती की। पार्टी ने अपने ही नेताओं पर कठोर रुख अपनाया जबकि, नए लोगों और कांग्रेस के विद्रोहियों को तवज्जो दी। इस दौरान सिंधिया ने अपने समर्थकों के लिए कड़ी मेहनत की।
गुरुवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सीएम चौहान समेत राज्य में कुल मंत्रियों की संख्या 34 हो गई है। हालांकि, पार्टी ने अभी भी कुछ सीटें खाली रखी हैं। लेकिन अलग-अलग गुटों की मांग और सिंधिया कैम्प के दबाव के आगे पार्टी ज्यादा सीट नहीं बचा सकी है। इसलिए अब जल्द कैबिनेट विस्तार की संभावना नहीं के बराबर है। 28 नए मंत्रियों में से 18 बीजेपी के हैं, जिनके पास कुल 203 सदस्यों वाली विधानसभा में 107 विधायक हैं, जबकि 22 पूर्व कांग्रेसी नेताओं के कैम्प से 14 मंत्री बनाए गए हैं। दो पहले ही 21 अप्रैल के विस्तार में जगह पा चुके थे।