निजी स्कूलों का दावा- 35% बच्चों को ऑनलाइन क्लास से निकाला बाहर, जनप्रतिनिधि नाराज

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रायपुर. हाईकोर्ट के सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के निर्देश के बाद भी निजी स्कूल संचालक पालकों से न केवल पूरी फीस ले रहे हैं, बल्कि फीस में बढ़ोतरी भी कर रहे हैं। वहीं, राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर के निजी स्कूल संचालकों की शिकायत मुख्यमंत्री, मंत्री, जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्टर, स्कूल शिक्षा सचिव, बाल संरक्षण आयोग से करने के बावजूद पालकों को तनिक भी राहत नहीं मिल रही है।

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने दावा किया है, कि गुरुवार को निजी स्कूलों ने जिले सहित प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास से बाहर निकाल दिया। वो सबकुछ हाईकोर्ट के निर्देश को ध्यान में रखते हुए कर रहे है। निजी स्कूलों की इस मनमानी पर स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौन सहमति दे दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की इस कार्यप्रणाली से पालक पीस रहे हैं।

35 प्रतिशत विद्यार्थियों को किया ऑनलाइन क्लास से बाहर

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में उनसे संबंधित स्कूलों में फीस जमा और प्रबंधन से चर्चा नहीं करने वाले 35 प्रतिशत विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास से बाहर किया गया है। गुरुवार को प्रदेश में बड़ी संख्या में शुल्क जमा करने का दावा छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट | एसोसिएशन ने किया है। वहीं, स्कूल प्रबंधन की सख्ती को देखते हुए पालक संघ भी नर्म पड़ता दिखाई दे रहा है।

फीस निर्धारित करने के निर्देश
जिले के जनप्रतिनिधियों ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दर्ज स्कूलों की जांच और नियमानुसार फीस निर्धारित कराने का निर्देश जारी किया है। साथ ही नियमों का पालन नहीं करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।

निजी स्कूलों की मनमानी की जांच करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा है। जो स्कूल नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, यह अनुशंसा की है।
विकास उपाध्याय, संसदीय सचिव, रायपुर

विज्ञापन जारी करके विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास से बाहर निकालना पूरी तरह से गलत है। निजी स्कूलों के जिम्मेदार शासन से चर्चा करें! चर्चा, करके हर समस्या का समाधान मण निकाला जा सकता है।
कुलदीप सिंह जुनेजा, विधायक, रायपुर

जिन पालकों को निजी स्कूलों की मनमानी से दिक्कत हो रही है, वे पालक हमारे स्कूलों में बच्चों को आकर पढ़ाएं। बच्चों के लिए शासकीय स्कूलों के द्वारा खुले हैं। हम ऑनलाइन स्कूल चला रहे हैं। इन स्कूलों में 22 लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। जो पालक हमारे स्कूलों की बुराई करते हैं, हम उनके हित में कुछ नहीं कर सकते। मामला कोर्ट में है, इसलिए निजी स्कूल और पालकों চ के बीच बिल्कुल नहीं पड़ेंगे। पालक कोर्ट की शरण में।
आलोक शुक्ला, सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग

जो स्कूल प्रबंधन विज्ञापन के आधार पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर निकाल रहे है, वो पूरी तरह से गलत कर रहे है। पालक संपर्क करें, मामले में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोर्ट तक जाएंगे। राज्य सरकार स्कूल फीस के मामले में स्पष्ट निर्देश जारी करे, ताकि पालकों को समस्या का सामना ना करना पड़े। स्कूल प्रबंधन की चेतावनी है, कि वे अपनी मनमानी ना करें।
संजय श्रीवास्तव, प्रवक्ता बीजेपी

छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन से संबद्धता रखने वाले सभी स्कूल हाईकोर्ट के निर्देश का पालन कर रहे हैं। हम नियमों के मुताबिक काम कर रहे हैं। गुरुवार को बड़े पैमाने पर पालकों ने फीस जमा किए हैं। पालकों को समस्या है। तो वे सीधे प्रबंधन से बात करें। पालकों की समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
राजीव गुप्ता, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन