मध्‍य प्रदेश में कोयले और बिजली को लेकर आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर

0
249

भोपाल। प्रदेश में कोयले की कमी के साथ बिजली संयंत्र खराब गुणवत्ता के कोयले का संकट भी झेल रहे हैं। मांग की तुलना में कोयले की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बिजली संयंत्र बंद हो रहे हैं और उत्पादन भी घट रहा है। यह आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने लगाया है।

इस पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश में कोयले का संकट नहीं हैं। पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल रही है और कहीं कोई कटौती नहीं हो रही है। कोयले की कीम पूरे देश में बनी हुई है। इसकी वजह से आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। जिस मात्रा में बिजली संयंत्रों के लिए कोयले की जरूरत है, उतनी मात्रा नहीं मिल पा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट किया कि कोयले के देशव्यापी संकट के कारण बिजली उत्पादन लगातार कम होता जा रहा है। मध्य प्रदेश में भी कुछ समय से कोयले का संकट बना हुआ है। धार्मिक पर्वों की शुरुतात हो चुकी है और अब बिजली की मांग भी बढ़ेगी पर सरकार इस संकट से निपटने की जगह उपचुनाव में लगी हुई है।

उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रदेश में कितना कोयला उपलब्ध है और कितना आवश्यकता है। बिजली संयंत्रों से कितनी बिजली का उत्पादन हो रहा है और इनकी क्षमता कितनी है। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि मांग और आपूर्ति की स्थिति क्या है और कहां से किस दर पर बिजली खरीदी जा रही है। सरकार को जनता को यह भी बताना चाहिए कि कोयले और बिजली के संकट से निपटने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।

कमल नाथ के सवालों और आरोपों पर शिवराज सरकार के वरिष्ठ मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में बिजली का संकट नहीं है। मांग के अनुरूप बिजली की आपूर्ति की जा रही है और कहीं कोई कटौती नहीं की जा रही है। कोयले का संकट भी प्रदेश में नहीं है। आपूर्ति की स्थिति भी ठीक है। इसकी कमी भी नहीं आने देंगे। स्थिति पर न सिर्फ नजर रखी जा रही है बल्कि प्रतिदिन समीक्षा भी हो रही है।