तीन माह पहले बनी समिति भी चला सकेगी पीडीएस दुकान, बंद होंगे 49 बीयर बार

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रायपुर . राज्य सरकार ने पीडीएस के अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों के संचालन के लिए तीन साल की शर्त को हटाकर तीन माह करने का फैसला किया है। यानी अब तीन माह पहले बनी समिति या महिला स्व-सहायता समूह उचित मूल्य दुकानों का संचालन कर सकेंगे। इस फैसले से जहां नई समितियों या समूहों को मौका मिलेगा, वहीं बड़ी संख्या में पहले से काम कर रही समितियों को बाहर कर दिया जाएगा। सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। सरकार अब बाजार से चना खरीदेगी।

छत्तीसगढ़ गठन के बाद पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग से कैबिनेट की बैठक हुई। सीएम बघेल अपने आवास पर थे, जबकि मंत्री अपने निवास या अपने गृह जिले में कलेक्ट्रेट से जुड़े। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव मुंबई में थे। वे मुंबई से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े। कैबिनेट ने आबकारी संशोधन विधेयक का अनुमोदन किया है। इसके अंतर्गत 49 बीयर बार को बंद किया जाएगा। हालांकि हाईवे के किनारे बीयर व विदेशी शराब के बार बढ़ जाएंगे। आयाकट विभाग को विलोपित कर जल संसाधन विभाग में समाहित करने का अनुमोदन किया गया है।

2013 से पहले बस-ट्रक के टैक्स से छूट
एक महत्वपूर्ण फैसले में सरकार ने 2013 से पहले बसों के मासिक व ट्रकों के त्रैमासिक बकाया टैक्स की राशि को माफ कर दिया है। इसी के साथ वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत बस व ट्रकों के लिए बकाया राशि के भुगतान में पेनाल्टी पर छूट दी जाएगी। परिवहन विभाग का करीब 20 करोड़ लंबे समय से बकाया है, जिसे वसूलने के लिए यह योजना लाई गई है। बता दें कि पेनाल्टी और उस पर ब्याज ज्यादा होने के कारण ट्रांसपोर्टर कई सालों से टैक्स नहीं पटा पा रहे थे। इस वजह से विभाग को भी बड़ा नुकसान हो रहा था। इसे ध्यान में रखकर ही यह फैसला किया गया है।

अजा प्राधिकरण में 5 और जिले शामिल
सरकार ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण में चार और जिलों को शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत मुंगेली, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, बेमेतरा और बालोद को शामिल गया है। ये सभी पुनर्गठित जिले हैं जो प्राधिकरण में शामिल नहीं थे। अब सरकार के फैसले के बाद ये जिले भी प्राधिकरण के कार्यक्षेत्र में आएंगे। इसी तरह नवगठित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लिए जिला योजना समिति के गठन का अनुमोदन किया गया है।

इन विधेयकों के प्रारूप को कैबिनेट ने दी मंजूरी
छत्तीसगढ़ स्थानीय निधि संपरीक्षा, माल और सेवा कर, कृषि उपज मंडी, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, कामधेनु विश्वविद्यालय, आबकारी संशोधन, सहकारी सोसाइटी, नगर तथा ग्राम निवेश नियम, छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय संशोधन, कुशाभाऊ ठाकरे, पंडित सुंदरलाल शर्मा, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय व निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन विधेयक शामिल हैं।

नई पर्यटन नीति को मंजूरी
छत्तीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई पर्यटन नीति-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इसमें राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटन को उद्योग का स्वरूप देने के साथ ही पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। नई नीति के तहत जो होटल-मोटल बंद हैं, उन्हें चालू करने के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटन मंडल को आय हो सके।

चार शक्कर कारखानों में पीपीपी मोड पर एथेनाल प्लांट
सरकार ने चार सहकारी शक्कर कारखानों कवर्धा, पंडरिया, बालोद और अंबिकापुर में पीपीपी मोड में एथेनाल प्लांट स्थापित करने की सैद्धांतिक सहमति दी है। एथेनाल प्लांट लगाने के लिए सरकार लंबे समय से कोशिश कर रही थी। गन्ने के अलावा धान से भी एथेनाल बनाने के लिए मांग की जा रही है, जिससे किसानों का रबी और खरीफ का धान 2500 में खरीद सकें।