भोपाल / अब हम सरकार में, दिल्ली के प्रदर्शन में मप्र की शान बढ़नी चाहिए : सीएम

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भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस के जिला अध्यक्षों से कहा है कि दिल्ली में 14 दिसंबर को केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक लोगों को लेकर आएं। अब यहां हमारी सरकार है, दिल्ली के प्रदर्शन में मप्र की शान बढ़ना चाहिए। वे यहां पीसीसी में जिला अध्यक्षों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्री, विधायक, जिला अध्यक्ष अपने स्तर पर इसकी व्यवस्था करें। इसमें सरकारी तंत्र का इस्तेमाल न करें। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की खामियां और प्रदेश सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में 20-21 लाख किसानों के कर्ज माफ किए हैं।

इसमें कुछ स्थानों पर यह दिक्कत आई कि एक ही व्यक्ति के दो-तीन खाते हैं। ऐसे में उनका एक ही कर्ज माफ हुआ। हम पीसीसी को कर्ज माफी वाले सारे किसानों की सूची उपलब्ध कराएंगे, वे उसे जिलों में पहुंचाएंगे। सभी जिला कार्यालय लोगों को जाकर बताएं कि उनके क्षेत्र में किस किसान का कितना कर्ज माफ हुआ है।

उन्होंने महाराष्ट्र-हरियाणा के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा का प्रभाव कम हो रहा है। वहां भाजपा ने फणनवीस या खट्‌टर के नाम पर नहीं, बल्कि मोदी के नाम पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसकी सीटें कम हुई हैं। गौरतलब है कि जिला मुख्यालयों में 25 नवंबर तक,भोपाल में 26 नवंबर को और दिल्ली में 14 दिसंबर को केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन है।

मेनीफेस्टो इम्प्लीमेंटेशन समिति देखेगी, कितने वादे पूरे हुुए- बावरिया
प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने बैठक में बताया कि प्रदेश सरकार के वचन पत्र की निगरानी के लिए मेनीफेस्टो इम्प्लीमेंटेशन समिति बनाई जा रही है। समिति देखेगी कि कितने वादे पूरे हुए और कितने बचे हैं। मंत्रियों को नसीहत देते हुए बावरिया ने कहा कि वे कार्यकर्ताओं की बात सुने। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस के नाम पर दुकानदारी करने वालों को दंड दिया जाएगा। अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जाए। हालांकि बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा के कई लोग मुखौटा लगाकर कांग्रेस को बदनाम कर रहे हैं, उनके लिए मैंने यह बात कही है।

फंड उपलब्ध कराने की मांग
बैठक में कुछ जिला अध्यक्षों ने अपनी समस्या भी बताईं। उन्होंने कहा कि 15 साल से अपने पास से काम कर रहे हैं। हमारे पास पैसे नहीं हैं और स्रोत भी नहीं हैं। जिला कार्यालयों को चलाने के लिए पीसीसी फंड उपलब्ध कराए। कुछ जिला अध्यक्षों ने शिकायत की कि फूल छाप कांग्रेसियों पर ध्यान दिया जाए। वे पहले भाजपा में काम कराते थे, अब कांग्रेस नेताओं से काम कराते हैं। 10-15 साल से पदों पर बैठे लोगों को भी हटाने की मांग की गई, जिससे नई लीडरशिप सामने आए।