कमलनाथ के मंत्री की दो टूक, ‘यदि सिंधिया का हुआ अनादर तो संकट में पड़ेगी प्रदेश सरकार’

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भोपाल: मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार पर इन दिनों संकट के बादल मंडरा रहे हैं. कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी पर मध्य प्रदेश में हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगा रही है. वहीं भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि कांग्रेसी विधायक कमलनाथ सरकार से खुश नहीं हैं और इसलिए बागी रुख अपना रहे हैं. इस बीच कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘कमलनाथ जी की सरकार को संकट तब होगा, जब सरकार हमारे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया जी की उपेक्षा या अनादर करेगी.’

मध्य प्रदेश के श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया सिसोदिया ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ‘अगर कमलनाथ सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपेक्षा या अनादर करेगी तब निश्चित तौर से सरकार पर जो काले बादल छाएंगे वो क्या करके जाएंगे मैं यह कह नहीं सकता.’ आपको बता दें कि तीन कांग्रेसी विधायकों समेत एक निर्दलीय विधायक कमलनाथ सरकार के संपर्क में नहीं हैं. दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि इन चारों विधायकों को भाजपा ने बेंगलुरू में रखा है.

इन चारों में से एक हरदीप सिंह डंग ने तो विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा भी सौंप दिया है. हालांकि, मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह का कहना है कि हरदीप सिंह डंग ने इस्तीफा नहीं दिया है सिर्फ स्टेटमेंट ​जारी किया है. वहीं कमलनाथ के एक और मंत्री गोविंद सिंह ने दावा किया है कि नारायण त्रिपाठी और शरद कौल के साथ ही कई अन्य ​भाजपा विधायक कांग्रेस पार्टी के संपर्क में हैं.

संजय पाठक ने कांग्रेस के संपर्क में होने का किया खंडन
भाजपा विधायक संजय पाठक के ​भी कांग्रेस खेमे के साथ होने की बात कही जा रही थी लेकिन उन्होंने खुद वीडियो संदेश जारी कर इस बात का खंडन किया है. पाठक ने अपना यह वीडियो संदेश ट्वीट किया है. भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि वर्तमान में वह अपने परिवार की चिकित्सा में व्यस्त हैं. उन्होंने स्पष्ट किया, ‘इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है कि मैं गुरुवार रात मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनके आवास पर मिला था. इस मामले में मीडिया में जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं वह गलत हैं. उस तस्वीर में चेहरा ढंकने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं.’

दिग्विजय सिंह ने लिया था इन 5 भाजपा नेताओं का नाम
इससे पहले बुधवार को भाजपा नेताओं द्वारा कथित तौर पर प्रदेश कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के आरोपों के बीच कमलनाथ सरकार ने आदेश जारी कर संजय पाठक के लौह अयस्क खदानों को बंद करने के आदेश जारी किए. संजय पाठक पूर्व में कांग्रेस के विधायक थे, बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शासन काल में मंत्री भी रहे. दिग्विजय सिंह ने संजय पाठक, शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा के पांच नेताओं का नाम लेकर उन्हें विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए जिम्मेदार बताया था.