लाखों की आबादी को सुविधाओं की दरकार

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भोपाल. गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में बीते वर्षों में कई सुविधाएं मिली हैं। वर्ष 2020 में यहां के रहवासियों और उनके बच्चों को सबसे बड़ी सौगात कॉलेज भवन की मिलने जा रही है। इसके बाद कई ऐसी जरूरत के संस्थान हैं जिनका क्षेत्र की जनता को बेसब्री से इंतजार है। इनमें भेल टाउनशिप क्षेत्र में 100 बिस्तरों का अस्पताल, कन्या महाविद्यालय सहित कई ऐसी अन्य मांगे हैं जो लोगों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी हुई हैं। जिनके लिए गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कॉलेज भवन की 2020 में मिल जाएगी सौगात
पिपलानी स्थित महात्मा गांधी चौराहे के पास निर्माणाधीन भेल कॉलेज की सौगात गोङ्क्षवदपुरा विधानसभा क्षेत्र के रहवासियो के लिए एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। इसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। वर्ष 2020 मार्च तक इसे पूरा करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को क्षेत्रीय विधायक कृष्णा गौर द्वारा दिया गया है। इस विद्यालय भवन की सौगात मिलने के बाद भेल टाउनशिप सहित आसपास क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए काफी सुविधा जनक साबित होगा।

कन्या महाविद्यालय
भेल क्षेत्र में कन्या महाविद्यालय की दरकार है। अभी बड़ी संख्या में छात्राएं अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों में जाती हैं। ऐसे में इन्हें दूरदराज के क्षेत्रों में आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। भेल टाउनशिप में कन्या महाविद्यालय खुलने से यहां की बड़ी संख्या में छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने में आसानी होगी।

बने चौड़ी रोड
भेल टाउनशिप को एमपी नगर से जोडऩे वाली चेतक ब्रिज से अन्ना नगर होते हुए अवधपुरी सहित अन्य क्षेत्रों को जोडऩे वाली इस सड़क के चौड़ीकरण की पुरानी है। यहां कई बार जाम की स्थित बन जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी अन्ना नगर में है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण किए जाने से वाहन चालकों को हो रही परेशानी से निजात मिल सकेगी।

अस्पताल बदहाल
सोनागिरी स्थित बीमा अस्पताल का भी हाल बेहाल है। यहां आने वाले लोगों को डिस्पेंसरी जैसी सुविधा ही मुहैया हो पा रही है। जबकि यहां रोजाना हजारों की संख्या में गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले 30 हजार वर्करों के साथ ही भेल में कार्यरत सोसायटी और ठेका श्रमिकों के साथ ही अन्य जगहों पर प्राइवेट नौकरी करने वाले कर्मचारियो की ईएसआई के तहत कवर होने वाले इलाज की सुविधा भी यहीं से मुहैया कराई जा रही है।

गोविंदपुरा इंडस्ट्रीयल क्षेत्र में सिविल अस्पताल
गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित करीब 1500 सौ कारखानों में 30 हजार श्रमिक कार्यरत हैं। इसके बावजूद यहां एक डिस्पेंसरी तक नहीं है, जहां कोई हादसा होने पर इन्हें फौरी तौर पर इलाज की सुविधा मिल सके। ऐसे में इन्हें बीमा अस्पताल का रुख करना पड़ता है, जहां पहले से ही हालत खराब पड़ी है। इसके बाद भी अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिसकी बेहद जरूरत है।

कस्तूरबा अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी
भेल की कस्तूरबा अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी से लोगों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्हें प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। कर्मचारियों की मांग है कि कस्तूरबा अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ बढ़ाएं और उसे एम्स से टाइअप करें, ताकि भेल कर्मचारियों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।

जनसंख्या को देखते हुए क्षेत्र में नहीं है बड़ा अस्पताल
भेल टाउनशिप क्षेत्र सहित में गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में दिन-ब-दिन बढ़ती आबादी को देखते हुए यहां 100 बिस्तरों की अस्पताल की बेहद जरूरत है। इसके लिए क्षेत्र के रहवासी अब तक कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग कर चुके हैं। इस संबध में क्षेत्रीय विधायक कृष्णा गौर का कहना है कि हम इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी इस संबंध में बात की है, उन्होंने भी इसके लिए आश्वासन दिया है। जल्द से जल्द इस पर अमल किया जाएगा।