मध्यप्रदेश : शिवराज कैबिनेट बैठक में लिए गए ये अहम फैसले, विभिन्न प्रकार के पट्टे देने पर सहमति।

0
44

भोपाल में आज सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में कैबिनेट अहम बैठक की सम्पन्न हुई, जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए। इस कैबिनेट बैठक की ब्रीफिंग करते हुए मप्र सरकार के प्रवक्ता डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि विभिन्न प्रकार के पट्टे देने पर कैबिनेट ने सहमति दी हैं।

कैबिनेट के अहम निर्णय
डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि बैठक में फसल क्षतिपूर्ति संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। RBC 6(4) में भी संशोधन कर राशि बढ़ाई गई है। उन्होने कहा कि इस मद में अधिकतम राशि देने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य हैं। राजस्व न्यायालयों के कंप्यूटरीकरण के लिए अगले 5 सालों के लिए 7000 करोड़ रूपए की वित्तीय स्वीकृति दी गई। इसी के साथ उन्होने बताया कि बिजली विभाग के लाइनमैन को जोखिम भत्ता 1000 रूपये दिया जाएगा। ग्वालियर अस्पताल में 972 नए पदों की स्वीकृति दी गई है। पन्ना जिले के दो सिंचाई परियोजना की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। इंदौर में न्याय की प्रतिमूर्ति अहिल्यादेवी के स्मारक के लिए निशुल्क जमीन की स्वीकृति दी गई। पूर्व में स्थापित 100 दीनदयाल रसोई केंद्रों के अतिरिक्त विभिन्न नगरीय निकायों में 45 नवीन रसोई केन्द्रों की स्वीकृति दी गई है।

गृह मंत्री ने बताया कि ‘म.प्र. सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसल क्षतिपूर्ति संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कैबिनेट ने आज RBC 6(4) में संशोधन कर फसलों को नुकसान होने पर दी जाने वाली सहायता राशि में वृद्धि की है। मध्य प्रदेश अब फसल क्षतिपूर्ति के एवज में अधिकतम सहायता राशि देने वालों राज्यों में शामिल हो गया है।‘ कैबिनेट ने पन्ना जिले के रुंज और मझगॉय मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। दोनों परियोजनाओं से पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के 85 ग्रामों में कुल 27,510 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। इसी के साथ चिकित्सा महाविद्यालय, ग्वालियर के अंतर्गत 1,000 बिस्तरों वाले नवीन निर्मित चिकित्सालय के संचालन के लिए कुल 972 नवीन पद सृजित किए जाने के प्रस्ताव को सहमति दी है। इन पदों में नियमित स्थापना के 488 पद होंगे।

उन्होने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के माध्यम से प्रदेश की गरीब एवं जरुरतमंद जनता के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। इसकी सफलता और व्यापक प्रभाव को देखते हुए कैबिनेट ने प्रदेश में 45 नए रसोई केंद्र स्थापित करने का निर्णय किया है। वहीं प्रदेश सरकार 10 चयनित जिलों में एक जिला एक उत्पाद के लिए चिन्हित कोदो, कुटकी, बासमती चावल, दाल और चना की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए प्रशिक्षण और मूल्य संवर्धन योजना लागू करेगी। कैबिनेट ने पन्ना जिले के रुंज और मझगॉय मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। दोनों परियोजनाओं से पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के 85 ग्रामों में कुल 27,510 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।