उद्यानिकी विभाग का संयुक्त संचालक एक लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार

0
158

जबलपुर। उद्यानिकी विभाग के संयुक्त संचालक को उनके अधारताल स्थित घर में एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम ने रविवार को गिरफ्तार किया। टीम को नर्सरी संचालक ने शिकायत की थी कि उसके लाखों रुपए के बिल के एवज में संयुक्त संचालक रिश्वत मांग रहा है।लोकायुक्त डीएसपी जेपी वर्मा ने बताया कि नर्सरी संचालक ने 23 सितंबर को शिकायत की थी कि वह सरकारी विभागों में पौधों की आपूर्ति करता है। उसने लगभग 25 लाख रुपए के पौधे सप्लाई किए थे, जिसका बिल पास कराने के लिए उसने उद्यानिकी जबलपुर संयुक्त संचालक आरबी राजोदिया से कहा था। लेकिन, दूसरे नर्सरी संचालकों के एक करोड़ से अधिक के बिल पास कर दिए गए, उसका बिल पास नहीं किया।

राजोदिया उससे बिल पास कराने के एवज में 5 प्रतिशत रिश्वत की मांग कर रहे हैं। इसमें डिप्टी डायरेक्टर एसबी सिंह को भी रिश्वत के रुपए देने के लिए कहा जा रहा है। 5 प्रतिशत कमीशन लगभग एक लाख 25 हजार रुपए होता है। शिकायत पर लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर डीएसपी जेपी वर्मा के निर्देशन में टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

एक लाख रुपए लेकर बुलाया घर

राजोदिया ने नर्सरी संचालक को रविवार सुबह 1 लाख रुपए लेकर घर बुलाया। सुबह लगभग 8 बजे से ही लोकायुक्त टीम आरोपित के घर के पास तैनात हो गई। लगभग 9.30 बजे नर्सरी संचालक उसके घर पहुंचा और एक लाख रुपए रिश्वत दी। इसके बाद संयुक्त संचालक ने और एक लाख रुपए की मांग की। साथ ही कहा कि जब तक बाकी एक लाख रुपए नहीं मिलेंगे बिल पास नहीं होगा। इसी समय लोकायुक्त टीम ने राजोदिया को गिरफ्तार कर लिया।

हाथ छुड़ाकर बाथरूम की ओर दौड़े

संयुक्त संचालक ने जैसे ही एक लाख रुपए लिए। तभी पीछे से लोकायुक्त टीम ने हाथ पकड़ लिया। हाथ छुड़ाकर वह बाथरूम की ओर दौड़ा। तभी पीछे से आरक्षक भी दौड़े। आरोपित बाथरूम के अंदर घुसकर चटकनी लगाने लगा, लेकिन धक्का देकर आरक्षकों ने दरवाजा खोला और बाहर निकालकर ले आए।

टीम ने घर में तलाशी लेते हुए दस्तावेजों की जांच शुरू की। लोकायुक्त टीम आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच कर रही है। राजोदिया ने बताया कि उनका पैतृक मकान ग्वालियर में है। ग्वालियर में पैतृक घर होने की सूचना पर लोकायुक्त डीएसपी ने ग्वालियर लोकायुक्त से ग्वालियर स्थित मकान में दबिश देने के लिए कहा।

इसके बाद ग्वालियर लोकायुक्त टीम वहां पहुंची और संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाना शुरू की। वहीं लोकायुक्त डीएसपी और उनकी टीम संयुक्त संचालक के जबलपुर में अधारताल स्थित मकान में संपत्ति के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।

डिप्टी डायरेक्टर नहीं मिले

लोकायुक्त टीम के सामने रिश्वत की रकम में बंटवारा करने में डिप्टी डायरेक्टर एसबी सिंह की भी भूमिका आने की बात पता चली। जब लोकायुक्त टीम ने उनकी तलाश की तो वह नहीं मिले। डिप्टी डायरेक्टर से संपर्क किया जा रहा है। पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।