फीवर क्लीनिक से कोरोना लक्षण वालों की सैंपलिंग के निर्देश

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रायपुर . प्रदेश में बढ़ती कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए नित-नई नितियां बनाई जा रही हैं, ताकि हर एक लक्षण वाले व्यक्ति तक पहुंचा जा सके। इसे लेकर स्वास्थ्य संचालक नीरज बंसोड़ ने सभी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमचओ) को सात बिंदू आधारित पत्र लिखा है। जिसमें बताया गया है कि किन-किन के सैंपल लेने हैं, किन की स्क्रीनिंग करनी है।

पत्र में बताया गया है कि सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों के फीवर क्लिनिक में आने वाले लक्षण वाले, अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीज, क्वारंटाइन सेंटर और कंटेन्मेंट जोन के लक्षण वालों लोगों के अनिवार्य रूप से सैंपल लिए जाने हैं। इसके साथ ही ऐसे स्वास्थ्यकर्ता और फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स जिनमें कोरोना के मिलते-जुलते लक्षण हैं, उनके भी सैंपल लेने हैं।

यह व्यवस्था इसलिए बनाई जा रही है ताकि गैर जरूरी सैंपलिंग पर रोक लगाई जा सके, ताकि लैब पर पड़ रहे भार को कम किया जा सके। बतां दें कि सभी लैब में सैंपल की पेंडेंसी हैं। उधर, पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड में आने वाले यात्रियों और फैक्ट्री में काम वाले मजदूरों की स्क्रीनिंग की जाए। गौरतलब है कि यह पत्र इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की नई गाइड-लाइन के मद्देनज़र लिखा गया है।