भोपाल में 11 साल में आठवीं बार पारा 38° पार:26 से 31 मार्च के बीच तेज गर्मी का ट्रेंड; इस बार हो सकती है बूंदाबांदी

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राजधानी भोपाल में मार्च महीने के आखिरी दिनों में तेज गर्मी पड़ने का ट्रेंड है। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 26 से 31 मार्च तक तेज गर्मी पड़ी है। इस बार पहले ही गर्मी का असर तेज है। पिछले 11 साल में आठवीं बार दिन का पारा 38 डिग्री के पार पहुंच गया है। इस बार आखिरी सप्ताह में बूंदाबांदी होने का भी अनुमान है। इधर, मौसम बदलने से पहले रातें भी गर्म हो गई हैं। रविवार-सोमवार की रात में पारा 22.6 डिग्री पर पहुंच गया। 24 घंटे में 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई।

मार्च में गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। पिछले दस सालों के ट्रेंड की बात की जाए तो मार्च के पहले पखवाड़े में अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री तो आखिरी सप्ताह में तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच होता है। इस बार भी मौसम का यहीं ट्रेंड दिखाई दे रहा है। शहर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया। इस माह दूसरी बार तापमान 35 डिग्री के पार पहुंचा। इसके पहले 1 मार्च को भी अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री दर्ज किया गया।

गर्मीं की शुरुआती सीजन में उतार-चढ़ाव भरी गर्मी का दौर जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल सामान्य से अधिक गर्मी और अधिक लू वाले दिनों के होने का पूर्वानुमान है। क्योंकि अलनीनो की स्थिति कम से कम मई तक जारी रह सकती है। फिलहाल, तापमान में कभी बढ़ोतरी हो रही है तो कभी गिरावट। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तापमान इसी तरह रहेगा। मार्च के आखिरी सप्ताह में तपिश बढ़ सकती है, लेकिन लू जैसी स्थिति अप्रेल-मई में ही होगी।

मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि मार्च से गर्मी सीजन की शुरुआत हो जाती है। ऐसे में तापमान में बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है। मार्च में आमतौर पर दूसरे पखवाड़े से तापमान 35 डिग्री से अधिक रहता है और आखिरी सप्ताह में 38-40 डिग्री तक पहुंच जाता है। इस बार जो परिस्थितियां बन रही है, उसके अनुसार अभी एक दो दिन तापमान बढ़ेंगे। 16 मार्च के बाद मौसम में बदलाव के साथ तापमान में कुछ कमी आ सकती है लेकिन 20 मार्च के बाद पारा 42 डिग्री पार जा सकता है।
एक्टिव हैं 3 वेदर सिस्टम
मार्च के दूसरे सप्ताह में एक साथ 3 मौसमी सिस्टम एक्टिव है और हवा का रूख भी बार बार बदल रहा है। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के पास द्रोणिका के रूप में, एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी ईरान के आसपास द्रोणिका के रूप और एक दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश से लेकर राजस्थान तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं का रुख दक्षिण-पूर्वी बना हुआ है, जिससे प्रदेश में कहीं-कहीं उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं और तापमान में भी उतार चढ़ाव जारी है।
20 मार्च के बाद बढ़ेगा तापमान
13 और 14 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ के असर से जबलपुर में हल्के बादल और संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। इसके साथ ही बढ़ती गर्मी पर एक फिर ब्रेक लग जाएगा। भोपाल में 12 मार्च तक तेज गर्मी का असर रहेगा। 11-12 मार्च को दिन का तापमान 33 डिग्री और रात का तापमान 19 से 20 डिग्री तक पहुंच सकता है। 20 मार्च के बाद तापमान बढ़ने के बाद प्रदेश में गर्मी होने लगेगी। मार्च के आखिरी सप्ताह में तापमान 40-42 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है।