40 की उम्र में इन टिप्स के साथ रखें अपनी सेहत का ख्याल

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फिटनेस की सनक अब हर उम्र के व्यक्ति में देखने को मिल रही है फिर चाहे वो मेल हो या फीमेल। एक्सरसाइज का मतलब महज मोटापा दूर करना ही नहीं होता बल्कि इससे थकान, बैचेनी और तनाव भी कोसों दूर रहते हैं। अच्छा होगा कि आप फिटनेस को लेकर छोटी उम्र में ही सीरियस हो जाएं लेकिन कहते हैं ना जब जागो तभी सवेरा। तो अगर 40 के बाद आप खुद को फिट रखना चाहते हैं तो इन चीज़ों को फॉलो करके काफी हद तक आप अपने मकसद में कामयाब हो सकते हैं।

उम्र बढ़ने के साथ मेटाबॉलिज्म भी स्लो होने लगता है। जिसमें बॉडी को पहले के मुकाबले कम कैलोरी की जरूरत होती है। तो अच्छा होगा कि डाइट में उन चीज़ों को शामिल करें जिसमें बॉडी के लिए सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स शामिल हों। बुढ़ापे के साथ ही डाइजेस्टिव सिस्टम भी कमजोर होने लगता है। ऐसे में डाइट और एक्सरसाइज का रोल काफी खास हो जाता है।

– अगर आप जिम जाते हैं तो अपने आप को 20 या 30 साल के लोगों की तरह न समझें क्योंकि जाहिर सी बात है कि उनका उत्साह और एनर्जी लेवल आपसे ज्यादा ही होगा। इसलिए बहुत हार्ड वर्कआउट न करें। इसके साथ ही वर्कआउट शुरु करने से पहले वॉर्म अप जरूर करें। इससे मसल्स में खिंचाव कम और दर्द कम होता है। बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और किसी तरह की इंजुरी होने की संभावना कम रहती है।

– अगर आपको वर्कआउट के दौरान डर लगता है कि आपका बैलेंस बिगड़ सकता है तो बहुत आराम से करें। वर्कआउट की शुरुआत वॉकिंग और जॉगिंग से कर सकते हैं जिससे कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और बॉडी की स्ट्रेंथ भी बढ़ेगी। इसके साथ ही अगर आप अस्थमा, ज्वॉइंट पेन, हार्ट, स्लिप डिस्क जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं तो वर्कआउट शुरु करने से पहले अपने फैमिली डॉक्टर या प्रोफेशनल फिटनेस ट्रेनर से एक बार राय-मशविरा जरूर कर लें।

– वैसे तो डायबिटीज का अब उम्र से कोई लेना-देना नहीं, लेकिन 40-50 की उम्र पार करते ही इसकी संभावनाएं ज्यादा बढ़ जाती हैं। तो इससे बचने के लिए बैलेंस डाइट लें। शुगर को अपनी डाइट से बिल्कुल आउट कर दें और नियमित समय पर ब्लड शुगर लेवल की जांच करवाते रहें।