टूल किट मामले में पूर्व सीएम डा. रमन से पूछताछ, कहा- सोनिया-राहुल के इशारे पर हुई एफआइआर

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रायपुर। टूल किट मामले में पुलिस सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के सिविल लाइन स्थित निवास पहुंची। उनका लिखित बयान लिया और लौट आई। इस मामले में मीडिया से रूबरू होते हुए डा. रमन ने कहा कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के इशारे पर छत्तीसगढ़ सरकार ने एफआइआर दर्ज कराई है। यह उनके खिलाफ कांग्रेस का षड्यंत्र है। इस प्रक्रिया का पूरा संचालन सिविल लाइन थाने से नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यालय से हो रहा है।

पूर्व सीएम ने कहा कि टूल किट के जरिये कांग्रेस ने भाजपा, प्रधानमंत्री और देश को बदनाम करने की साजिश की है। उसको जब उजागर किया गया तो वह बौखला गई है। अब यह रमन सिंह और संबित पात्रा का मामला नहीं रहा। यह प्रधानमंत्री और देश के स्वाभिमान का मामला बन गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले को शून्य कराने के लिए जल्द ही न्यायालय जाएंगे।

डा. रमन ने हैरानी जताते हुए कहा कि 19 मई को चार बजकर पांच मिनट पर शिकायत मिलती है और चार बजकर छह मिनट पर एफआइआर दर्ज कर ली जाती है। यही नहीं, 21 मई की रात मेरे निवास पर नोटिस दिया जाता है। नोटिस सर्व होने के पांच मिनट के अंदर मेरे कार्यालय के रिसिविंग सहित कांग्रेस के ट्वीटर हैंडल पर डाल दिया जाता है। इसका मतलब पुलिस ने नोटिस कांग्रेस को पहुंचाया। यह सार्वजनिक करना अपराध की श्रेणी में आता है। जिस तरह के प्रश्न मुझसे पूछे गए हैं, उससे साफ है कि सरकार पुलिस की शक्तियों का दुरुपयोग कर रही है।

यह निजता के अधिकारों का उल्लंघन है

रायपुर के सिविल लाइन थाने में दो घंटे तक धरना देने के बाद दोपहर 12.30 बजे अपने निवास मौलश्री विहार पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री डा. सिंह ने नोटिस का जवाब दिया। उन्होंने अपने लिखित जवाब में कहा कि पुलिस द्वारा मेरे टि्वटर अकाउंट की चाही गई जानकारी निजता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा। 18 मई को उनके व्यक्तिगत विचारों के साथ संलग्न दस्तावेज ट्वीट करने के पूर्व से हैं और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होकर प्रसारित हो रहे हैं। ट्वीट उनके विचारों की अभिव्यक्ति है।