मतदान दिवस पर निर्बाध रहे बिजली आपूर्ति: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अनुपम राजन

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अनुपम राजन ने आज निर्वाचन सदन भोपाल में मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2023 की तैयारियों के संबंध में विभिन्न विभागों के साथ बैठक में समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। श्री राजन ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होना है, ऐसे में सभी 64 हजार 523 मतदान केंद्रों पर बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामीण विकास विभाग मतदान केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, रैंप, व्हीलचेयर, बैठक व्यवस्था और मतदान केंद्रों तक आवागमन के लिए सुगम सड़क की व्यवस्था करें। निर्वाचन संबंधी कार्यो के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर जानकारी शीघ्र भेजें।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने निर्देशित किया कि पुलिस विभाग सीमावर्ती राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक करें। निर्वाचन के लिए पुलिस डिप्लायमेंट प्लान तैयार कर जानकारी उपलब्ध कराएं। मतदान एवं मतगणना दिवस पर शराब की बिक्री पर रोक के आदेश जारी किए जाए। मतदान के दिन प्रदेश के समस्त संस्थानों में कार्यरत मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सके, इसके लिए अवकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मतदान के दिन मतदान कर्मियों के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं निजी अस्पतालों में भी व्यवस्था की जाए।

श्री राजन ने कहा कि सभी विभाग निर्वाचन कार्यालय से प्रेषित की जाने वाली शिकायतों का 24 घंटे में निराकरण कर उसकी जानकारी उपलब्ध कराएं। कानून व्यवस्था की दैनिक रिपोर्ट एवं निर्वाचन आयोग द्वारा चाही गई जानकारी को समय-सीमा में भिजवाना सुनिश्चित करें। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग निर्वाचन की अधिसूचना से निर्वाचन की समाप्ति तक प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति बनाए रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजेश कुमार कौल, पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा मध्यप्रदेश तथा राज्य पुलिस नोडल अधिकारी श्री अनुराग, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राकेश सिंह, श्रीमती रुचिका चौहान, श्री मनोज खत्री, श्री बसंत कुर्रे, सामान्य प्रशासन, उच्च शिक्षा, वाणिज्यिक कर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, ऊर्जा, गृह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, विधि एवं विधायी कार्य, स्कूल शिक्षा, श्रम, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।