अंबिकापुर में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के बीच 12 घंटे ड्यूटी दे रहे डॉक्टर

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अंबिकापुर। कोरोना वायरस के संक्रमण से जन स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए लॉकडाउन, कर्फ्यू का पालन कराने पूरी ताकत झोंक दी गई है, वहीं संभावित संक्रमित लोगों के बीच चिकित्सक 12 घंटे सेवा दे रहे हैं। नईदुनिया ने जब मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेट किए गए वार्ड में भर्ती संभावित कोरोना संक्रमित के इलाज में लगे चिकित्सक डॉ. रौशन वर्मा से उनकी व्यस्तता के बीच चर्चा की तो पहले उन्होंने कम से कम डेढ़ से दो मीटर का फासला रखकर बात करने का आग्रह किया। खुद को महफूज रखने के लिए सिर से पैर तक विशेष ड्रेस पहने चिकित्सक ने कहा ओपीडी के मरीज, आपातकालीन चिकित्सा के साथ कोरोना वायरस का कुप्रभाव जानने के लिए पहुंचने वाले लोग भी उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। वक्त पड़ने पर रात में इमरजेंसी ड्यूटी भी सिर्फ उन्हें नहीं अन्य चिकित्सक साथियों को देनी पड़ती है। छुट्टियां निरस्त होने के कारण वे कहीं जा नहीं सकते। डाक्टर कॉलोनी में मिले आवास से अस्पताल तक का सफर करते पूरा समय बीत जाता है।

परिवहन बंद होने के कारण भले ही मरीज की संख्या सामान्य ओपीडी में कम दिखती हो पर कोरोना पीड़ितों की काउंसलिंग, उपचार व जांच के लिए बने ओपीडी में सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियों से घिरे लोगों की संख्या बढ़ी है। (कोविड-19) कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद देश में बिगड़े हालात और बिना अपने प्रदेश से बिना बाहर गए पीड़ित के सामने आने के बाद लोग सर्दी-खांसी, बुखार को सामान्य मानकर नहीं चल रहे हैं।

जनसामान्य की शारीरिक दूरी बढ़ाने लॉकडाउन और कर्फ्यू के बाद भी ऐसे लोगों का रोजाना कोरोना विशेष के लिए 23 मार्च को बनी ओपीडी में आना हो रहा है। डॉ.वर्मा ने कहा कि पूर्व की अपेक्षा चिकित्सको की दिनचर्या में बदलाव आया है। रोस्टर के अनुरूप उनकी ड्यूटी लगती है। आपात परिस्थिति हो तो 12 घंटे ड्यूटी देने के बाद भी ड्यूटी के लिए वे तत्पर रहते हैं।

ये सावधानियां जरूरी

– संभावित संक्रमित अस्पताल या घर में जांच रिपोर्ट नही आने तक आइसोलेशन में रहें।

– भीड़ के बीच कम से कम एक मीटर का फासला बनाए रखें।

– बीस से 30 सेकेंड तक बार-बार हाथ धोएं।

– सर्दी-खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो, तो चिकित्सक से परामर्श लें।

– खांसते, छीकते वक्त टीसू पेपर या रुमाल का उपयोग करें।

मास्क का एक दिन से अधिक उपयोग खतरनाक

रोशन वर्मा बताते हैं कि एक दिन से अधिक मास्क का उपयोग खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए अगले दिन दूसरे मास्क का उपयोग करें। लंबे समय तक एक ही मास्क पहनने से इंफेक्शन का खतरा रहता है। मास्क नहीं होने की स्थिति में रुमाल या गमछे को भी उपयोग में लाया जा सकता है।