Coronavirus in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में जहां प्रदूषण ज्यादा, वहीं कोरोना के मरीज अधिक

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रायपुर । Coronavirus in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में जहां प्रदूषण ज्यादा है, वहीं से कोरोना के मरीज अधिक सामने आ रहे हैं। प्रदेश में कोरोना के मामले रायपुर, दुर्ग, भिलाई, कोरबा जैसे शहरों से ज्यादा आए हैं। यहां प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहता है। वैज्ञानिकों की मानें तो छत्तीसगढ़ में ग्रामीण इलाकों में दिनचर्या व खानपान बेहतर है तथा प्रदूषण का स्तर कम, जिस कारण यहां कोरोना का असर कम नजर आ रहा है।

राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा में औद्योगिक संस्थानों के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सहित आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा और स्थानीय कलेक्टर किरण कौशल को पत्र लिखा था। उ

न्होंने पत्र में जानकारी दी थी कि कोरबा औद्योगिक क्षेत्र के 12 प्रतिशत निवासी अस्थमा व ब्रोंकाइटिस जैसे फेफड़े से संबंधित रोग से पीड़ित हैं। इस वजह से यहां कोरोना संक्रमण का दुष्प्रभाव अधिक हो सकता है। दुर्ग में अब तक 621 लोगों की जांच हुई, जिसमें एक पॉजिटिव पाया गया।

रायपुर में 1448 लोगों की जांच में पांच पॉजिटिव, कोरबा के 585 लोगों की जांच में 23 केस पॉजिटिव पाए गए हैं। जबकि, बस्तर और सरगुजा संभाग में एक भी पॉजिटिव मरीज सामने नहीं आया है। कृृषि वैज्ञानिक तुषार पाणिग्रही ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों के लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है, इसलिए यहां मरीज नहीं पाए गए हैं।

पर्यावरणविद शम्स परवेज ने बताया कि रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ की हवा में कार्बन की मात्रा ज्यादा होती है। इसके कारण गले में वायरल इंफेक्शन की आशंका बढ़ी रहती है। कोरोना के मरीजों को भी गले में इंफेक्शन सामने आ रहा है। यही वजह है कि यहां मरीजों की संख्या आदिवासी इलाकों से ज्यादा है।