शहर में औचक सैंपलिंग को लेकर हर दिन विवाद, आसानी से तैयार नहीं हो रहे लोग

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भोपाल । कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए राजधानी में हर दिन करीब पांच हजार औचक सैंपल लिए जा रहे हैं। लोग इसके लिए आसानी से तैयार नहीं होते। कई बार वह गाली-गलौज पर उतारू हो जाते हैं। कोई पार्षद से बात कराने की धमकी देने लगता है तो कोई पुलिस में शिकायत करने की। सैंपल लेने वाले एक चिकित्सक ने बताया कि भदभदा पुल के पास एक युवक ने सैंपल देने से मना किया। जब उसे कहा गया कि कलेक्टर का आदेश है, सैंपल तो देना ही पड़ेगा। इस बात को लेकर युवक भड़क गया। उसने किसी व्यक्ति को फोन लगाकर कहा कि यह पार्षद हैं, उनसे बात करो लेकिन मैं सैंपल नहीं दूंगा। भोपाल जिले के सैंपलिंग प्रभारी डॉक्टर केके अग्रवाल ने बताया कि हर दिन सैंपल लेने वाली टीम विवाद की शिकायत कर रही है। कई बार तो गाली-गलौज तक की नौबत आ जाती है। उन्होंने बताया की लोग यही कहते हैं जब उनमें कोरोना के कोई लक्षण ही नहीं हैं, फिर वह जांच के लिए सैंपल क्‍यों दें।

प्रदेश के आठ जिलों मे मिले कोरोना के 15 मरीज, 20 स्वस्थ
प्रदेश के आठ जिलों में बुधवार को कोरोना के 15 मरीज मिले हैं, जबकि 20 मरीज स्वस्थ हुए हैं। प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या अब 185 रह गई है। इनमें 65 फीसद मरीज होम आइसोलेशन में हैं। बाकी का निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। प्रदेश में हर दिन 70 हजार से ज्यादा सैंपल की जांच की जा रही है। भोपाल में 6595 सैंपल की जांच में तीन मरीज मिले हैं। भोपाल के सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि फीवर क्लिनिकों में करीब डेढ़ हजार लोग ही जांच कराने के लिए रोज पहुंच रहे हैं। बाकी सैंपल बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व अन्य सार्वजनिक स्थानों से लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सैंपलिंग नहीं घटाई जाएगी। भले ही मरीज एक भी न आए।