कांग्रेस ने पीएम से पूछा, एक के बदले 10 सिर कब लाएंगे, पाक की बर्बरता पर मोदी सरकार चुप क्यों

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नई दिल्ली । पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) द्वारा एक भारतीय पोर्टर का सिर काटे जाने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पूछा कि प्रधानमंत्री एक सिर के बदले 10 सिर कब लाएंगे जैसा कि उन्होंने पहले वादा किया था।

पाकिस्तान की बर्बरता पर मोदी सरकार चुप क्यों है?

सुरजेवाला ने रविवार को ट्वीट किया कि पाकिस्तान की बर्बरता पर मोदी सरकार चुप क्यों है? पाकिस्तानी बलों ने एक पोर्टर का सिर काट लिया और हमारे दो सैनिक शहीद हो गए। और हमारे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री चुप हैं।

पाकिस्तान की कायरतापूर्ण हरकतों का मुंहतोड़ जवाब कब दिया जाएगा?

उन्होंने पूछा कि क्या पाकिस्तान के हाथों भारतीयों की शहादत की खबरें सरकार की प्रकृति के अनुकूल हैं? पाकिस्तान की कायरतापूर्ण हरकतों का मुंहतोड़ जवाब कब दिया जाएगा? एक के बदले 10 सिर हम कब देखेंगे?

अधीर रंजन चौधरी ने सेना प्रमुख से बातें कम और काम ज्यादा करने को कहा

इस बीच, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवाने से बातें कम और काम ज्यादा करने को कहा है।

सरकार पीओके पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और निर्देश दे सकती है

नरवाने के गुलाम कश्मीर वापस लेने के लिए तैयार होने संबंधी बयान के एक दिन बाद कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर कहा, ‘नए सेना प्रमुख, संसद ने 1994 में ही पीओके पर सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया था। सरकार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और निर्देश दे सकती है।’

अगर नए सेना प्रमुख इतने ही इच्छुक हैं तो सीडीएस और प्रधानमंत्री कार्यालय से बात करें

उन्होंने आगे कहा कि अगर आप पाक अधिकृत कश्मीर में कार्रवाई करने के इतने इच्छुक हैं तो मैं सुझाव दूंगा कि आप सीडीएस और प्रधानमंत्री कार्यालय से बात करें।

वीआइपी सुरक्षा से हटेगी एनएसजी

वीआइपी सुरक्षा में व्यापक कटौती करने और गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाने के बाद केंद्र सरकार ने अब राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) को इस काम से पूरी तरह मुक्त करने का फैसला किया है। करीब दो दशक बाद ऐसा होगा कि आतंकवाद निरोधी विशिष्ट बल के ‘ब्लैक कैट’ कमांडो को वीआइपी सुरक्षा ड्यूटी से हटाया जाएगा। इस बल का जब गठन हुआ था तब इसके मूल कामों में वीआइपी सुरक्षा शामिल नहीं थी। यह बल ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त 13 ‘उच्च जोखिम’ वाले वीआइपी को सुरक्षा देता है।