सीएम भूपेश ने कहा- खुद को जंगल का मालिक न समझें अफसर, वहां के असली मालिक तो वनवासी हैं

0
196

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन विभाग के अधिकारियों पर निशाना साधा है। सीएम भूपेश ने कहा कि वन विभाग के अधिकारी मालिक नहीं हैं। मालिक जंगलों में रहने वाले आदिवासी लोग हैं। अब हमारी सरकार जंगल में रहने वाले लोगों को आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। हम उनकी आय स्त्रोत को बढ़ाने की नीति पर काम कर रहे हैं, लेकिन अफसरशाही की वजह से यह काम सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। इस सेक्टर में काम कर रहीं अशासकीय संस्थाएं भी शासन का सहयोग नहीं कर रही हैं। सरकार की मंशा इन वनवासी-आदिवासियों का जीवन स्तर बेहतर बनाने की है। सीएम भूपेश ने यह बातें नवा रायपुर अटल नगर स्थित वन विभाग के मुख्यालय अरण्य भवन में आयोजित सामुदायिक वन अधिकार पर प्रदेश स्तरीय परिचर्चा के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहीं।

सीएम भूपेश ने कहा कि जंगलों में नियम-कानून से छेड़खानी किए बगैर भी आय प्राप्त की जा सकती है। यहां कई तरह की खेती कर आय प्राप्त की जा सकती है। जंगल में प्राकृतिक संपदा भरपूर मात्रा में उपलब्ध है और इनके समूचित उत्पादन और दोहन के जरिए वनों में रहने वाले लोग अपने जीवन स्तर को ऊंचा कर सकते हैं।

हम वनाधिकार पर लगातार काम कर रहे हैं, हमनें हजारों एकड़ का पट्टा बांटा है, लेकिन कुछ लोग इसे कोर्ट में चुनौती देते हैं। इससे सरकार के काम में बाधा आती है। कानूनी अड़चन से भी विकास में रुकावटें आती हैं। ऐसे लोगों को यह समझना चाहिए कि इस कार्य के पीछे जंगल में जीवन गुजार रहे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का उद्देश्य निहित है। वन विभाग के अधिकारी जंगलों के मालिक खुद को न समझें। जंगलों के असली मालिक तो वहां रहने वाले लोग हैं। अब हमारी सरकार उन्हें जीवन स्तर बढ़ाने का अवसर दे रही है और हम उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर और कांकेर में आयोजित विभिन्न् कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे। सवेरे 10.20 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में आयोजित ‘सामुदायिक वन अधिकार पर प्रदेश स्तरीय परिचर्चा में वे शामिल हुए।

इसके बाद वे बिलासपुर के लिए रवाना होने वाले थे, लेकिन मौसम में खराबी की वजह से उनका आज का दौरा कार्यक्रम रद्द किया गया। दोपहर 3 बजे वे रायपुर मेडिकल कॉलेज सभागार में अखिल भारतीय शांति एवं एकजुटता संगठन द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय अधिवेशन” में शामिल होंगे।