मुख्यमंत्री निर्धन कन्या विवाह योजना : 400 जोड़ों की सरकारी शादी में खर्च होंगे एक करोड़

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रायपुर। इस साल लोकसभा चुनाव, नगर निगम चुनाव और पंचायत चुनाव के चलते आचार संहिता लगने से ज्यादातर सरकारी योजनाएं अमल में नहीं लाई जा सकीं थीं। इनमें से एक महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री निर्धन कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित की जाने वाली सरकारी सामूहिक विवाह योजना पूरे साल ठप रही। चूंकि अब सारे चुनाव संपन्न हो चुके हैं और वित्तीय वर्ष भी समाप्ति की ओर है इसलिए इस साल के सामूहिक विवाह योजना का लक्ष्य हासिल करने जोरशोर से तैयारी शुरू हो चुकी है।

सूत्रों का कहना है कि पहले सामूहिक विवाह की तारीख 20 फरवरी घोषित की गई थी, इस दिन मुख्यमंत्री देर शाम तक विदेश दौरे से वापस लौटेंगे इसलिए तारीख को बढ़ाकर 25 फरवरी करने पर विचार किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष के पहले आयोजन में लगभग 400 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे, जिन पर अनुमानित एक करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।

मिलेंगे घरेलू सामान

पिछले साल तक प्रत्येक जोड़े पर 15 हजार रुपए खर्च किया जा रहा था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर इस साल 25 हजार रुपए कर दिया है। जोड़ों को घर बसाने के लिए लगभग 19 हजार रुपए का घरेलू सामान दिया जाएगा।

एक हजार का ड्राफ्ट

प्रत्येक जोड़े को एक हजार रुपए बैंक ड्राफ्ट, चेक के रूप में प्रदान किया जाएगा।

पंडाल, भोजन पर पांच हजार प्रति जोड़ा

साइंस कॉलेज मैदान में लगभग 400 जोड़ों की शादी के लिए भव्य पंडाल की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही दरी, कुर्सी, अतिथियों के लिए भोजन, पानी, शौचालय आदि की व्यवस्था पर प्रति जोड़े के हिसाब से पांच-पांच हजार रुपए तैयारियों पर खर्च किया जाएगा।

19 हजार रुपए की उपहार सामग्री

0 वर-वधु को वैवाहिक कपड़े

0 चुनरी, साफा

0 श्रृंगार का सामान

0 सूटकेस

0 अलमारी, पंखा

0 स्मार्ट फोन

0 गद्दा, चादर, तकिया

0 जूता-चप्पल

0 चांदी की पायल, बिछिया

0 चांदी का मंगल सूत्र

0 प्रेशर कूकर

0 थाली, कटोरी, जग, गिलास सेट

0 पानी की टंकी

पांच हजार रुपए व्यवस्था पर

0 पंडाल, भवन किराया

0 प्रति जोड़ा 20 अतिथियों के लिए भोजन, नाश्ता

0 विवाह फोटो, प्रमाणपत्र

0 परिवहन व्यय

500 जोड़ों का लक्ष्य

पिछले साल 2018-19 में रायपुर जिले में 417 जोड़ों का विवाह हुआ था। इस साल 500 जोड़ों का लक्ष्य है, 400 पंजीयन हो चुके हैं। – अशोक कुमार पांडेय, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर