मुख्यमंत्री कमलनाथ का दावा, अभी भाजपा की दो-तीन सीटें और जाएंगी

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भोपाल : आपराधिक प्रकरण में दो साल की सजा होने पर विधानसभा द्वारा भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता समाप्ति को लेकर सियासी हमले दूसरे दिन भी जारी रहे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दावा किया कि अभी इंतजार करिए भाजपा की दो तीन और सीटें कम होने वाली हैं। उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने 15 साल जो किया है, वह सब उभरकर सामने आ रहा है। इसको कोई रोक तो सकता नहीं। भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता समाप्ति के दूसरे दिन रविवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मीडिया से चर्चा में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हमेशा बहुमत में थी। विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव तथा पिछले जुलाई के पावस सत्र में दंड विधि संशोधन विधेयक पर मत विभाजन में सरकार ने बहुमत हासिल किया था।

गौरतलब है कि दंड विधि संशोधन विधेयक के मत विभाजन में भाजपा के दो सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था। इधर, विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रहलाद लोधी की सदस्यता समाप्त करने की सूचना सोमवार को निर्वाचन आयोग को भेजने की तैयारी है। इसमें विधानसभा राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशन की प्रति के साथ पवई विधानसभा सीट की रिक्तता की सूचना आयोग को देगी।

उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए ट्वीट में कहा है कि लोधी पर मारपीट का मामला उनके ही कार्यकाल का है। मारपीट उनके मुख्यमंत्रित्वकाल में हुई और पुलिस में प्रकरण भी तभी दर्ज हुआ। अदालत का फैसला अब आया है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में चौहान द्वारा कोर्ट के फैसले व संविधान पर सवाल खड़ा किया जाना, शोभा नहीं देता। इसी तरह पीसीसी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे और पीसीसी अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि भाजपा विधायक की सदस्यता समाप्त किए जाने के मामले में कांग्रेस पार्टी का कोई सरोकार नहीं है। अदालत के फैसले पर विधानसभा ने सदस्यता समाप्त की है और भाजपा नेता उस पर सवाल उठाकर अदालत की अवमानना कर रहे हैं।

प्रहलाद लोधी ने नईदुनिया से चर्चा में कहा है कि विधायक सदस्यता समाप्त करने में कांग्रेस ने उनके साथ बदले की भावना से फैसला किया है। उन्हें विधायक चुने जाने के बाद कांग्रेस में आने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया था।

इसलिए कांग्रेस ने अदालत के आदेश के बहाने सदस्यता समाप्त कर दी और पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क तक नहीं किया। लोधी ने कहा कि उन्हें अदालत पर विश्वास है। अदालत ने उन्हें फैसले के बाद तुरंत जमानत दे दी। अब वे सोमवार को हाई कोर्ट में विशेष न्यायालय के फैसले पर अपील करेंगे।