छत्तीसगढ़ शीतकालीन सत्र 21 दिसम्बर से, माननीयों की प्रश्न पूछने में रुचि घटी

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में 21 दिसम्बर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सवाल पूछने को लेकर माननीयों की रुचि कम नजर आ रही है। इस सत्र में कुल 7 बैठकें प्रस्तावित है। इसके लिए विधायकगण 5 दिसम्बर तक अपने सवालों की सूचनाएं विधानसभा को भेज सकते हैं। सवालों की सूचनाएं भेजने का सिलसिला 19 नवम्बर से शुरू हुआ है और 3 दिसम्बर तक 841 सवाल ही आ सके हैं।

बताया जाता है, एक विधायक एक दिन में चार सवाल की सूचनाएं भेज सकता है। इस हिसाब से हर दिन औसतन 300 सवालों की सूचनाएं भेजी जा सकती है। इसके बावजूद प्रतिदिन औसतन 100 सवाल भी नहीं आ रहे हैं। इससे पहले अगस्त में हुए विधानसभा सत्र की 4 बैठकों के लिए कुल 579 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई थीं।

संख्या बल और कोरोना का भी असर
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह स्थिति सत्ता बल की संख्या अधिक होने के कारण हो रही है। वर्तमान में विधानसभा में कांग्रेस के कुल 70 विधायक है। जबकि भाजपा के 14, जकांछ के 4 और बसपा के दो विधायक है। माना जाता है कि सत्ता पक्ष के विधायक अपनी सरकार से कम सवाल पूछते हैं।

हालांकि, पंचम विधानसभा में सबसे ज्यादा सवाल पूछने वालों में डोंगरगांव के कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने 239 और भाजपा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने 238 सवाल लगाएं हैं। वहीं कोरोना संक्रमण की वजह से भी शासकीय कामकाज अपेक्षाकृत कम तेजी से हुआ है। इसका असर भी सवाल पर दिखाई दे रहा है।