छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा- 15 फरवरी तक पूरा करें बिलासपुर-रायपुर फोरलेन का काम

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बिलासपुर। बिलासपुर-रायपुर फोरलेन सड़क निर्माण कार्य में लेटलतीफी को लेकर दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस ने शेष बचे कार्य 15 फरवरी तक पूर्ण कराने के निर्देश राज्य शासन को दिए हैं। जनहित याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 20 फरवरी की तिथि तय कर दी है। तय तिथि में शासन को परफारमेंस रिपोर्ट पेश करनी होगी। फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। राज्य शासन ने जवाब पेश करते हुए बताया कि रायपुर के सिलतरा के पास करीब 600 मीटर निर्माण कार्य बचा हुआ है। इसके लिए समय दिए जाने की मांग की। इस पर डिवीजन बेंच ने 15 फरवरी तक सड़क निर्माण कार्य पूरा करने कहा है। बिलासपुर-रायपुर फोर व सिक्स लेन सड़क निर्माण समय पर पूरा नहीं किए जाने पर दुर्ग निवासी रजत तिवारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया कि सड़क नहीं बनने से लोगों को परेशानी हो रही है।

बेतरतीब निर्माण के कारण दुर्घटना में लोग मारे जा रहे हैं। सड़क खराब होने के कारण 120 किलोमीटर की यात्रा में चार घंटे से भी अधिक का समय लग रहा है। तब हाईकोर्ट ने याचिका को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर-रायपुर एनएच का निर्माण हाईकोर्ट की निगरानी में करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने एनएच, निर्माण कंपनी व राज्य शासन के अधिकारियों को व्यक्गित रूप से तलब कर मार्च तक निर्माण पूरा करने का आदेश दिया था। कोर्ट के निर्देशों के बाद भी अब तक निर्माता कंपनियों ने सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया है।

40 से 360 करोड़ हो गया मुआवजा

राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में 40 करोड़ रुपये का मुआवजा 360 करोड़ रुपये कैसे हो गया, इस पर हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने शासन से जवाब मांगा था। शासन की ओर से मुआवजा राशि कैसे बढ़ी इस पर विस्तार से जवाब पेश किया था। इस जवाब पर प्रतिउत्तर पेश करने एनएचएआइ ने कोर्ट से समय मांग लिया था।

इनको दिया गया है काम

– रायपुर से सिमगा तक 48.580 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 11 जनवरी 2016 को पुंज लॉयड से अनुबंध हुआ था। कंपनी को 20 अप्रैल 2018 तक काम पूरा करना था।

– सिमगा से सरगांव तक 42.446 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए पांच मई 2016 को एल एंड टी कंपनी से अनुबंध किया गया। कंपनी को चार मई 2018 तक कार्य पूरा करना था।

– सरगांव से बिलासपुर तक 35.499 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम दिलीप बिल्डकॉन को दिया गया। दिलीप बिल्डॉन ने तय सीमा में निर्माण पूरा किया है।

संसद में भी उछला मामला

हाई कोर्ट के बाद बिलासपुर-रायपुर फोरलेन में हो रही लेटलतीफी का मुद्दा संसद तक पहुंच गया है। बीते सत्र के दौरान बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण साव ने निर्माण कार्य में हो रहे विलंब का जिक्र करते सदन के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया था। सांसद ने बताया कि बिलासपुर-रायपुर फोनलेन और सिक्स लेन का निर्माण बीते चार वर्ष से चल रहा है। लंबी अवधि के बाद भी आजतक यह पूर्ण नहीं हो पाया है। तब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वत किया कि इस मार्ग का निर्माण आगामी एक वर्ष के भीतर पूर्ण हो जाएगा।

निर्माता कंपनियों ने कोर्ट के सामने हर बार दिया आश्वासन

रायपुर-बिलासपुर फोर लेन का निर्माण 31 मई तक पूरा करने अंडरटेकिंग निर्माण कंपनियों ने हाईकोर्ट को दिया था । इस पर कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 14 मई को रखने और कंपनियों को प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था।

पिछली सुनवाई में पुंज एलाइड और एलएंडटी के अधिकारियों ने रायपुर-बिलासपुर फोर लेन पर एक ओर का काम 31 मार्च तक पूरा करने और 31 मई तक दोनों ओर का काम पूरा करने की बात कही थी। इस पर कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए चार अप्रैल को रखा था।

पुंज एलाइड और एलएंडटी की ओर से कहा गया था कि एक ओर का काम लगभग पूरा हो गया है। 31 मई तक काम पूरा कर लिया जाएगा। कंपनी के इस कथन पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने आपत्ति करते हुए कहा कि इस मार्ग के निर्माण में अभी बहुत काम बाकी है। इसे छह माह से पहले पूरा नहीं किया जा सकता है।

कंपनी के अधिकारियों ने 31 मई तक काम पूरा करने कोर्ट को अंडरटेकिंग दिया है। इस पर कोर्ट ने निर्माण कंपनियों और एनएच को 14 मई को कार्य की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था।