मप्र में नई सरकार को लेकर भाजपा जल्दबाजी में नहीं, टली विधायक दल की बैठक

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मात्र सवा साल विपक्ष में रहने के बाद भाजपा की सत्ता में वापसी हो रही है। मुख्यमंत्री कमल नाथ के इस्तीफे के बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन सरकार के गठन को लेकर पार्टी जल्दबाजी में नहीं है। भाजपा विधायक दल की बैठक शुक्रवार देर शाम होने की उम्मीद थी, लेकिन केंद्रीय नेताओं के भोपाल नहीं पहुंचने के कारण यह टल गई। अब शनिवार को बैठक होने की संभावना है।

विधायक दल के नेता का चुनाव शनिवार को

भाजपा सूत्रों से खबर मिली थी कि पार्टी के राष्ट्रीय नेता व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, धर्मेद्र प्रधान, राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चार्टर्ड फ्लाइट से शुक्रवार शाम दिल्ली से भोपाल आ रहे हैं और उनकी मौजूदगी में विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा, लेकिन रात होते-होते सूचना आई कि सभी वरिष्ठ नेताओं का आगमन शनिवार तक टाल दिया गया है।

प्रधान व जैन हो सकते हैं पर्यवेक्षक

भाजपा सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान और राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन को मध्यप्रदेश में नई सरकार के गठन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया जा सकता है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ये दोनों नेता ही लंबे समय से भाजपा का ऑपरेशन मप्र देख रहे थे। इन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की भाजपा में आमद को लेकर कवायद की थी और विधायकों को बेंगलुर ले जाने से लेकर बाकी सारे इंतजाम किए थे।

शिवराज का रात्रिभोज टला

इधर, प्रदेश में सियासत का सारा फोकस पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर केंद्रित हो गया है। उनके निवास पर देर रात तक बड़ी संख्या में भाजपा विधायकों का जमावड़ा लगा रहा। वहीं, शुक्रवार रात्रि को चौहान द्वारा दिया गया रात्रिभोज अचानक रद कर दिया गया। चौहान ने एक वीडियो संदेश देकर कहा कि कोरोना के खतरे को देखते हुए भोज निरस्त किया गया है। उन्होंने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी के 22 मार्च को जनता क‌र्फ्यू के आह्वान का समर्थन करते हुए जनता से सहयोग मांगा है।

कमल नाथ ने बदला ट्विटर पर परिचय

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कमल नाथ ने अपने ट्विटर अकाउंट से परिचय बदल दिया है। कमल नाथ ने मुख्यमंत्री को हटाकर अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के तौर पर सीमित परिचय कर दिया है। उनके ट्विटर पर पांच लाख 32 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

कांग्रेस विधायक निराश न हों

कांग्रेस विधायक निराश न हों ‘कांग्रेस विधायक निराश न हों। गलत तरीके मिली जीत लंबे समय तक नहीं टिकती है। कई जीतते हुए लोगों को हारते देखा है। लोकतांत्रिक मूल्यों को परेशान किया जा सकता है, लेकिन खत्म नहीं किया जा सकता है। वह दौर भी देखा है जब इंदिरा गांधी चुनाव हार गई थीं। ऐसा लगता था कि कांग्रेस कभी दोबारा लौटकर नहीं आएगी। मगर हम वापस मजबूती से लौटे -कमल नाथ, कार्यवाहक सीएम मप्र (अपने निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कहा।

अपने बोझ से गिरी कांग्रेस सरकार

‘कांग्रेस की सरकार अपने बोझ व अंर्तद्वंद से गिरी है। भाजपा कभी सत्ता गिराने-बचाने के खेल में नहीं रही। असंतुष्ट कांग्रेस नेताओं में आंतरिक कलह के कारण यह गिरी है’ -शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री मप्र।