भाजपा ने कुशाभाऊ ठाकरे यूनिवर्सिटी का नाम बदलने के मुद्दे पर जताया विरोध, कहा- यह फैसला समाज में द्वेष फैलाने वाला है

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रायपुर. कुशाभाऊ ठाकरे यूनिवर्सिटी का नाम बदलने के मुद्दे पर भाजपा ने विरोध जताया है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि ठाकरे यूनिवर्सिटी का नाम बदलना गलत है। सरकार का यह फैसला समाज में द्वेष और वर्ग भेद को प्रेरित करने वाला है। पूर्व सांसद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पत्रकार स्व. चंदूलाल चंद्राकर कभी विवादों में नहीं रहे। उनका सभी सम्मान करते हैं। इसके बावजूद सरकार ने राजनीतिक द्वेष के साथ उनका नाम विवादों से जोड़ दिया है। यह अच्छा नहीं है। इससे पहले पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर योजनाओं का नाम बदला गया था।
28 विधेयक पारित करने का विरोध

भाजपा ने विधानसभा में पूरक कार्यसूची के जरिए 28 विधेयक लाकर उसे पारित करने का विरोध किया है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा है कि यह संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। कांग्रेस सरकार लगातार संसदीय कार्यप्रणाली की धज्जियां उड़ा रही है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक के आनंदनगर स्थित निवास पर गुरुवार को भाजपा विधायक दल ने मीडिया से चर्चा की। कौशिक ने कहा कि कोरोना महामारी से पूरा देश चिंतित है, इसलिए ऐसे समय में पूरे विपक्ष ने एक होकर सर्व सम्मति से बजट पारित किया, जिससे आने वाले समय में आर्थिक स्थिति खराब न हो।

दूसरी ओर सरकार पूरक कार्यसूची में 28 विधेयक लेकर आई और बिना चर्चा के उसे पारित करा लिया। आखिर ऐसी क्या आवश्यकता थी। इसे बाद में भी लाया जा सकता था। इसके बावजूद बिना चर्चा के इसे पारित किया गया। कौशिक ने कहा कि जब से कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से ही नई कार्यप्रणाली विकसित कर ली गई है। इससे पहले संसदीय परंपराओं में नए कीर्तिमान बनाने की परंपरा रही है, जबकि कांग्रेस इसे तोड़ने में लगी है। यह चिंता का विषय है। इस दौरान पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर व शिवरतन शर्मा भी मौजूद थे।