महाकाल मंदिर परिसर में छद्म वेशधारियों के घूमने पर रोक

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मंगलवार को साधु वेषधारी भक्तों को भस्म बांटते हुए भीड़ एकत्रित कर रहा था। इस पर गार्ड ने उन्हें नियम का पालन करने को कहा, इससे वह नाराज हो गया और चिमटे से गार्ड पर हमला कर दिया। इससे गार्ड के हाथ में चोट लगी है। मामले की शिकायत मंदिर प्रशासन के आला अधिकारी व पुलिस से की गई है।

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में मंगलवार सुबह एक साधु वेशधारी व्यक्ति ने सुरक्षाकर्मी पर चिमटे से हमला कर दिया। इससे गार्ड के हाथ में चोट लगी है। मामले की शिकायत महाकाल थाने में भी की गई है। मंदिर समिति ने छद्म वेशधारी साधुओं के परिसर में घूमने पर रोक लगा रखी है। गार्ड नियम का पालन कराने गया इसी बात पर विवाद हो गया।

मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था प्रभारी डा. रूबी यादव ने बताया महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन भस्म आरती के बाद कुछ साधु वेशधारी परिसर में प्रवेश कर जाते हैं तथा भक्तों को भस्म बांटते हैं। इससे भक्तों की भीड़ एकत्रित हो जाती है और परिसर खाली कराना मुश्किल हो जाता है। कथित साधु वेशधारियों की पहचान भी मुश्किल है। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा व व्यवस्था की दृष्टि से इनके परिसर में घूमने तथा भस्मी बांटने पर रोक लगाई गई है।

इनसे कई बार निवेदन किया गया है कि आप व्यवस्था में सहयोग प्रदान करें तथा भगवान महाकाल के दर्शन के बाद प्रस्थान करें। मंगलवार को साधु वेषधारी भक्तों को भस्म बांटते हुए भीड़ एकत्रित कर रहा था। इस पर गार्ड ने उन्हें नियम का पालन करने को कहा, इससे वह नाराज हो गया और चिमटे से गार्ड पर हमला कर दिया। इससे गार्ड के हाथ में चोट लगी है। मामले की शिकायत मंदिर प्रशासन के आला अधिकारी व पुलिस से की गई है।

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मारपीट के मामलों में श्रद्धालुओं पर भी हो कार्रवाई

महाकाल मंदिर में श्रद्धालु व सुरक्षाकर्मियों के बीच वाद विवाद व मारपीट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीते दिन सुरक्षाकर्मी व दर्शनार्थी के बीच निर्माल्य द्वार पर हुई मारपीट के मामले में मंदिर कर्मचारी व गार्डों पर कार्रवाई हुई है। मंदिर प्रशासन को ऐसे मामलों में विवेचना कर दोनों पक्षों की जिम्मेदारी तय करना चाहिए। एकतरफा कार्रवाई से कर्मचारियों का मनोबल गिरता है।