8 महीने के बेटे के साथ कुएं में कूदी महिला:जुड़वा बच्चों की थी मां, परिजन बोले- ससुरालवाले बच्चों से दूर रखते थे

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राजगढ़ में 22 साल की महिला अपने 8 महीने के बेटे के साथ कुएं में कूद गई। जब तक उन्हें तलाशा जाता, तब तक दोनों की मौत हाे चुकी थी। मायके पक्ष का आरोप है कि बेटी की हत्या कर उसे कुएं में फेंका गया है।

मामला मोतीपुरा गांव का है। पुलिस का कहना है कि मां-बेटे के शव कुएं में मिले हैं। पीएम करवाया गया है। दोनों पक्षों की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप हुए हैं। बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतका के परिजनों के मुताबिक ससुरालवाले उसके बच्चों को उसके पास नहीं रहने देते थे।

झगड़े के बाद घर से निकली थी महिला
राजगढ़ कोतवाली थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि मंगलवार शाम 6 बजे इंदिरा बाई तंवर (22) का ससुराल में विवाद हुआ था। विवाद के बाद वह काफी गुस्से में थी। रात में मौका मिलते ही उसने अपने 8 महीने के बेटे कुश को गोद में उठाया और घर के पास स्थित कुएं की ओर चली गई। यहां वह बेटे के साथ कुएं में कूद गई। पत्नी और बेटे के नहीं दिखने पर पति ने मां-बाप के साथ मिलकर उन्हें खोजना शुरू किया।

किसी ने उन्हें बताया कि वह कुएं की ओर जाती दिखी थी। इस पर सभी कुएं की ओर दौड़ पड़े। कुएं के पानी में 8 महीने का कुश नजर आया। यह देख लोगों के होश उड़ गए। तत्काल ग्रामीणों ने कुएं में छलांग लगाई। पानी में करीब 15 फीट नीचे महिला का शव भी मिल गया। लाश को बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को पीएम के लिए जिला अस्पताल राजगढ़ भिजवाया। बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों पक्षों के बयान लिए हैं।

ग्रामीणों ने कुएं में कूदकर महिला और मासूम को बाहर निकला। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों ने कुएं में कूदकर महिला और मासूम को बाहर निकला। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
मृतका के पिता ने बताई पूरी कहानी
राजगढ़ थाना क्षेत्र से 5 किलोमीटर दूर स्थित हमीरपुरा गांव में रहने वाले बनेसिंह की बेटी इंदिरा की शादी 4 साल पहले मोतीपुरा गांव में फूल सिंह के बेटे राकेश से हुई थी। शादी के कई सालों बाद इंदिरा गर्भवती हुई। ससुरालवालों ने अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभाई तो इंदिरा अपने पिता के घर चली आई। मायके में रहते हुए इंदिरा ने जिला अस्पताल राजगढ़ में दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। जिनका नाम लव और कुश रखा गया।

बेटी की 9 महीने तक सेवा करने के बाद परिवार में दो नाती आए थे। मायके पक्ष ने ही डिलीवरी का पूरा खर्च उठाया था। वे चाहते थे कि कुछ दिन मां-बेटे उनके यहां रहें। हालांकि ससुरालवाले इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच कहासुनी भी हुई थी। विवाद को शांत करने के लिए माता-पिता ने डिलीवरी के तुरंत बाद बेटी और बच्चों को ससुराल जाने को कह दिया। ससुराल में दोनों नए मेहमानों का खूब स्वागत हुआ, जश्न मनाया गया।

पत्नी और बेटे का शव देखने के बाद पति अस्पताल में एक कोने में बैठा रहा। वह कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं था।
पत्नी और बेटे का शव देखने के बाद पति अस्पताल में एक कोने में बैठा रहा। वह कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं था।
मृतका के पिता का आरोप है कि ससुराल में जुड़वा बच्चों का बंटवारा सा कर दिया गया। एक बच्चा बेटी इंदिरा के पास रहता तो दूसरे को उसकी सास अपने पास रखती थी। इस बात को लेकर बेटी की कई बार उनसे बहस भी हुई थी। दूसरे बेटे को भी अपने पास रखने की बात कहने पर वे उसे प्रताड़ित करते थे। कई बार पति ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर बेटी को बुरी तरह से पीटा भी था। रोज-रोज की मारपीट से परेशान होकर इंदिरा डिलीवरी के 15 दिन बाद ही बच्चों को ससुराल में छोड़कर पिता के घर आ गई थी। उसने राजगढ़ कोतवाली पहुंचकर पति और सास-ससुर के खिलाफ प्रताड़ना का केस भी दर्ज करवाया था।

इंदिरा के ससुरालवालों का कहना है कि दो बच्चे होने के कारण हम एक बच्चे को संभालते थे, जिससे बहू को परेशानी नहीं आए।
इंदिरा के ससुरालवालों का कहना है कि दो बच्चे होने के कारण हम एक बच्चे को संभालते थे, जिससे बहू को परेशानी नहीं आए।
पुलिस में मामला तो दर्ज हो गया, लेकिन कलेजे के टुकड़े ससुराल में थे। उनकी भूख और तड़प उसे परेशान करती थी। मां की ममता का फायदा उठाकर पति अपने माता-पिता के साथ युवती के मायके पहुंचा और समझौता करवाकर फिर से उसे ससुराल ले आया। ससुराल आने के बाद वे उसे और ज्यादा प्रताड़ित करने लगे। उन्हें डर था कि बहू कहीं बच्चों को लेकर अपने पिता के घर नहीं भाग जाए, इसलिए वे बच्चों से उसे दूर रखने लगे। अपने ही घर में अपने ही बच्चों से दूर रहना उसे मानसिक रूप से परेशान करने लगा। परिवार का आरोप है कि ससुरालवालों से ही बेटी की हत्या कर उसे कुएं में फेंका है।

इंदिरा के पिता बने सिंह और मां संतराबाई ने ससुरालवालों पर बेटी की हत्या का लगाया है।
इंदिरा के पिता बने सिंह और मां संतराबाई ने ससुरालवालों पर बेटी की हत्या का लगाया है।
मां संतराबाई ने बताया कि दो बेटे और एक बेटी
मृतका इंदिरा की मां संतरा बाई ने बताया- मेरे दो लड़के और एक ही बेटी थी। इंदिरा की शादी मोतीपुरा गांव में राकेश से की थी। बेटी काे राजगढ़ जिला अस्पताल में ऑपरेशन से दो बेटे हुए थे। जब हम बेटी को डिलीवरी के बाद घर ले जाने लगे तो उसके ससुराल वालों ने हमारे साथ मारपीट की और अस्पताल से भगा दिया। वे बेटी और नातियों काे अपने साथ ले गए। उन्होंने बेटी काे खूब पीटा। बेटी दोनों बच्चों को ससुराल में छोड़कर हमारे पास हमीरपुरा आ गई। हम उसे कोतवाली थाने लेकर पहुंचे और ससुरालवालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी। ॉ

इसके बाद ससुरालवाले लड़ने लगे और झगड़े के 20 लाख रुपए की मांग करने लगे। हमने बेटी को उनके साथ भेज दिया। करते भी क्या, गरीब जो ठहरे, 20 लाख रुपए लाते कहां से। इसके बाद वे बेटी को हमसे न मिलने देते थे, न ही बात करने देते थे। बेटी को जुड़वा बच्चे हुए थे, उन्हें भी सास अपने पास रखती थी। इसी कारण वह बहुत परेशान थी। इसी कारण इंदिरा चुपचाप अपने एक बच्चे को उठाकर ले आई होगी। संतरा बाई ने कहा- मेरी बेटी के बिना जिंदा कैसे रहूंगी। मैं भी मर जाऊंगी। एक ही तो मेरी बेटी थी। ससुराल वालों ने उसकी हत्या की है।

इंदिरा के ससुर फूल सिंह और पति राकेश। ससुर का कहना है कि वो लोग हम पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
इंदिरा के ससुर फूल सिंह और पति राकेश। ससुर का कहना है कि वो लोग हम पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
हमें नहीं पता सुसाइड क्यों किया युवती के ससुर फूल सिंह तंवर ने बताया कि हमने बहू से उसके मायके जाने को कहा था, लेकिन उसने जाने से मना कर दिया था। उसके मायके वाले तो कुछ भी कह सकते हैं। बहू काे जुड़वा बच्चे हुए थे, एक वो रखती थी, एक हमारे पास रहता था। वो दो बच्चों को एक साथ कैसे संभालती, इसलिए एक बच्चे को हम रखते थे। उस दिन उसने सुबह कहा- दोनों बच्चे मुझे दे दो। मैंने कहा- दोनों बच्चे तू रख ले। वो दोनों बच्चों को ले गई। करीब 2 घंटे पास रखा। जब दोनों रोने लगे ताे मेरी बेटी एक बच्चे काे लेकर आ गई। इसके बाद हम सभी खेत पर चले गए। उसके पास कुश था। जब वह बहुत देर तक घर नहीं आई तो हमने उसे खोजा। मायके फोन लगाकर पूछा- उन्हें यह भी कहा कि इंदिरा नजर नहीं आ रही है। काफी तलाशने के बाद कुश कुएं में दिखा। गांववाले बच्चे को निकालने के लिए कुएं में कूदे। कुएं में बहू की भी लाश मिली। गांव के चौकीदार ने पुलिस को सूचना दी। हमें नहीं पता उसने सुसाइड क्यों किया। हमारे ऊपर लगाए आरोप झूठे हैं।