करें दिन की अच्छी शुरुआत, इन 5 योगासनों के साथ

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हम सभी जानते हैं योग और एक्सरसाइज करने के अनगिनत फायदे होते हैं लेकिन सुबह-सुबह इन्हें करना हर किसी के बस की बात नहीं होती और कई बार ये भी समझ नहीं आता कि कहां से इसकी शुरुआत करें। तो आज हम आपको ऐसे कुछ ऐसे आसान से योगासनों के बारे में बताएंगे जिसे आप अपनी लाइफस्टाइल में शामिल कर कर सकते हैं दिन की अच्छी शुरुआत।

वृक्षासन (Tree Pose)

इस आसन में आपको एक पैर पर खड़े रहना पड़ता है और दूसरे पैर को जिस पैर पर खड़े हैं उसकी जांघो पर टिकाना होता है। हाथों को एक साथ जोड़कर नमस्कार मुद्रा में रखा जाता है।

फायदे

यह आसान बॉडी को सही शेप देता है। इससे हाथ, पैरों, रीढ़ की हड्डी और नितंबों की मसल्स टोन्ड और स्ट्रॉन्ग होती है। यह आसन शरीर के संतुलन को भी बनाने में मदद करता है। इसके साथ ही इससे साइटिका की बीमारी में भी आराम मिलता है।

घुटनों और हाथों के बल आ जाएं, हाथ एकदम सीधे रखें। सांस लेते हुए सिर को ऊपर की तरफ ले जाएं और कमर को नीचे की तरफ दबाएं। अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सिर को छाती की तरफ ले जाएं और कमर को ऊपर की ओर उठाएं। सुविधानुसार 5 से 7 बार दोहराएं।

पीठ और गर्दन में खिंचाव के साथ इनसे होने वाले दर्द में भी आराम दिलाता है। रीढ़ की हड्डी और पेट के अंगों की मालिश हो जाती है। जिससे पाचन क्रिया में सुधार होता है। नाभि को अंदर की ओर खींचने से पेट की चर्बी कम होती है। रोजाना अभ्यास से निकला हुआ पेट अंदर किया जा सकता है।

पैरों के बीच कम से कम 2-3 फीट की दूरी बनाकर खड़े हो जाएं। अपने हाथों को जमीन के समानांतर लाएं और हथेली को नीचे की ओर ले जाते हुए सांस लें। सांस छोड़ते हुए शरीर को बायीं ओर मोड़ें और बाएं हाथ की उंगली से फर्श को छुएं और बाएं घुटने को छूएं। दाहिना हाथ बिल्कुल सीधा होना चाहिए। सिर को घुमाते हुए दाहिने हाथ के हथेलियों को देखने की कोशिश करें।

मोटापे से परेशान लोगों के लिए बहुत ही कारगर है यह आसन। इससे पीठ दर्द की समस्या में भी आराम मिलता है। इससे पैरों और घुटनों के अलावा नितंबों, गर्दन, रीढ़ की मसल्स स्ट्रॉन्ग होती हैं।

मैट पर घुटनों को मोड़ते हुए एड़ियों पर बैठ जाएं। दोनों घुटनों को एक अपनी सुविधानुसार एक साथ या थोड़ी दूर पर रख सकते हैं। इसके बाद धीरे से आगे की ओर इस तरह से झुकें कि माथा जमीन को छू सके। धीरे-धीरे सांस छोड़ेंगे। हाथों को मैट पर आगे की ओर रखें। कोशिश करेंगे कि जांघें सीने से टच हों।

बालासन से डिप्रेशन, माइग्रेन और चिड़चिड़ाहट जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है। नितंबों, जांघों, टखनों और कम में तनाव कम होता है और इसकी फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। पीठ और कमर दर्द को भी दूर करता है यह आसन।

जमीन पर एकदम सीधे खड़े हो जाएं और इसके बाद हाथों को नीचे जमीन पर रखते हुए झुक जाएं। घुटने बिल्कुल सीधे रखेंगे। हथेलियों को झुकी हुई अवस्था में ही आगे की ओर फैलाएं और उंगलियां समानांतर रखें। सांस छोड़ें और घुटनों को हल्का सा धनुष आकार में मोड़े और एड़ियों को जमीन से ऊपर उठाएं।

फायदे

पेट से जुड़ी परेशानियों में आराम मिलता है और पेट की मसल्स भी मजबूत होती हैं। ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और डाइजेस्टिव सिस्टम सुधरता है। हाथ, पैरों के अलावा कंधे, बांहों और सीने को भी टोन करने के साथ मजबूती प्रदान करता है।