तीन घंटे तक रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा बुजुर्ग का शव, लाश के ऊपर लगातार गुजरती रहीं ट्रेनें; वीडियो वायरल

0
68

मिली जानकारी के अनुसार सिहाड़ा के रहने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग शेख बाबू रोज की तरह पशुओं के लिए चारा सर पर रख कर रेलवे ट्रैक क्रॉस कर रहे थे। इसी बीच एक यात्री ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
तीन घंटे तक रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा बुजुर्ग का शव, लाश के ऊपर लगातार गुजरती रहीं ट्रेनें; वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश के खंडवा का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ट्रेन हादसे का शिकार हुए व्यक्ति के शव पर से दूसरी ट्रेनें गुजरती नजर आ रही है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जिसके कारण शव पटरी पर पड़ा रहा और उस पर से ट्रेनें लगातार गुजरती रही। पुलिस का कहना है कि सूचना देर से मिली। चालू ट्रैक होने की वजह से यह स्थिति बनी, लेकिन स्टेशन मास्टर चाहते तो अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर दूसरे ट्रैक से गाड़ी निकल सकते थे।

लगातार तीन घंटे तक शव के ऊपर से गुजरती रही ट्रेनें
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा है। उस शव पर से ट्रेनें गुजर रही हैं। घटना सोमवार सुबह लगभग 7 बजे की है। इस घटना की सूचना रेलवे पुलिस को भी दी गई थी, लेकिन 10:30 बजे तक कोई भी पुलिसकर्मी शव को रेलवे ट्रैक से हटाने नहीं पहुंचा। ना ही परिजनों को पटरी पर पड़े शव को हटाने की इजाजत दी। पटरी पर पड़े शव के ऊपर से 3 घंटे तक लगातार ट्रेनें गुजरती रही। वीडियो में देखा भी जा सकता है कि एक यात्री ट्रेन शव के ऊपर से गुजर रही है।

क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार सिहाड़ा के रहने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग शेख बाबू रोज की तरह पशुओं के लिए चारा सर पर रख कर रेलवे ट्रैक क्रॉस कर रहे थे। इसी बीच एक यात्री ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। मृतक के परिजन ने बताया कि वह सुबह पशुओं के लिए चारा लेकर जा रहे थे। इसी दौरान मथेला स्टेशन पर उनके साथ दुर्घटना हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही हमने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी लेकिन पुलिस 3 से 4 घंटे तक मौके पर नहीं आई। इस दौरान उनका शव रेलवे ट्रैक पर ही पड़ा रहा।

जीआरपी थाने के प्रभारी वीर प्रताप परिहार ने बताया कि स्टेशन मास्टर ने देर से मेमो दिया। मेमो मिलते ही हम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और वहां से शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया। शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। जीआरपी टीआई के मुताबिक स्टेशन मास्टर अगर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर आने वाली गाड़ियों का रेलवे ट्रैक बदल देते तो शव के ऊपर से इतनी ट्रेन नहीं निकलती।