चोरी छुपाने जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही कांग्रेस

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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा-सत्याग्रह के ड्रामे की बजाय देश को मामले की सच्चाई बताएं राहुल गांधी

भोपाल। सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ के विरोध में कांग्रेस जो सत्याग्रह कर रही है, वो ड्रामेबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है। वास्तव में कांग्रेस अपनी इन हरकतों से सरकार और जांच एजेंसी के ऊपर दबाव बना रही है, ताकि वह घबराकर इस मामले से हाथ खींच ले। अगर कांग्रेस पार्टी राहुल और सोनिया गांधी को ईमानदार मानती है, तो उसे इस ड्रामे की बजाय नेशनल हेराल्ड मामले की सच्चाई देश की जनता को बताना चाहिए। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कांग्रेस द्वारा किए जा रहे कथित सत्याग्रह पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद 70 सालों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस पार्टी का लोकतांत्रिक तौर-तरीकों से कुछ भी लेना देना नहीं रहा है और यह पार्टी एक परिवार के अधिनायकवाद पर चलती रही है। कांग्रेस का यह परिवार खुद को देश, उसके संविधान और संवैधानिक संस्थाओं से भी ऊपर मानता रहा है। इसीलिए कांग्रेस नेताओं और इस परिवार के सदस्यों के लिए निर्वाचन आयोग, सुप्रीम कोर्ट, संसद, सीबीआई और केंद्रीय मंत्रिमंडल जैसी संवैधानिक संस्थाओं की कोई हैसियत नहीं रही है और इस परिवार के लोग सार्वजनिक रूप से इन संस्थाओं का अपमान करते रहे हैं। लेकिन अब जब राहुल गांधी और सोनिया गांधी को ईडी की पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है, तो इन्हें यह बात अखर रही है और इसीलिए कांग्रेस अपनी ड्रामेबाजी से ईडी पर दबाव बनाना चाहती है।
श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले की सच्चाई देश के सामने है। प्रवर्तन निदेशालय और अन्य एजेंसियां सिर्फ यह पता लगाना चाहती हैं कि इस मामले में कानून का उल्लंघन कैसे और किस हद तक किया गया है। श्री शर्मा ने कहा कि देश की जनता जानती है कि किस तरह राहुल और सोनिया गांधी के स्वामित्व वाली यंग इंडियन लिमिटेड कंपनी ने महज 50 लाख रुपये देकर 2000 करोड़ की संपत्ति वाली एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड को हथिया लिया था। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी तथा राहुल-सोनिया गांधी को यह लगता है कि उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया, कोई अवैधानिक तरीका नहीं अपनाया, तो देश की जनता तथा जांच एजेंसियों के सामने सच्चाई रखें, पूछताछ में सहयोग करें।