उज्जैन में बनेगा देश का पहला साइंटिस्ट मेमोरियल , हर 300 किमी पर साइंस सेंटर और रीजनल साइंस सेंटरों का होगा निर्माण

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प्रदेश के जबलपुर और उज्जैन में बनने वाले रीजनल साइंस सेंटर के कार्यों के अनुमोदन के दौरान तय किया गया है कि हर 300 किलोमीटर पर साइंस सेंटर और सम्भाग स्तर पर रीजनल साइंस सेंटर बनाए जाएंगे।
उज्जैन में बनेगा देश का पहला साइंटिस्ट मेमोरियल , हर 300 किमी पर साइंस सेंटर और रीजनल साइंस सेंटरों का होगा निर्माण

मध्य प्रदेश में देश का पहला साइंटिस्ट मेमोरियल बनने जा रहा है। इसका फैसला विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद की कार्यसमिति की बैठक में लिया। इस कार्यसमिति की 61वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके अनुसार उज्जैन में देश का पहला साइंटिस्ट मेमोरियल बनाने पर सहमति दी गई है।

दरअसल इसे लेकर मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है कि प्रदेश की विज्ञान एवं प्रौद्योगिक नीति शीघ्र ही घोषित की जाएगी तथा विज्ञान पर्यटन को बढ़ावा देते हुए साइंस सिटी और संभाग स्तर पर रीजनल साइंस सेंटर के निर्माण पर फोकस किया जाए। उन्होंने बताया कि विज्ञान के प्रसार में अग्रणी और प्राचीन उज्जैन नगर में देश के पहले साइंटिस्ट मेमोरियल की स्थापना की जाएगी। यह प्रस्ताव युवा वैज्ञानिकों की एक प्रतियोगिता में आया।

वहीं विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान पर्यटन विकसित करने पर भी चर्चा की गई। प्रदेश के जबलपुर और उज्जैन में बनने वाले रीजनल साइंस सेंटर के कार्यों के अनुमोदन के दौरान तय किया गया है कि हर 300 किलोमीटर पर साइंस सेंटर और सम्भाग स्तर पर रीजनल साइंस सेंटर बनाए जाएंगे। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में ड्रोन ट्रेनिंग के इंतजाम किया जाएगा। सभी जिलों में एक जैसी ट्रेनिंग के स्थान पर ड्रोन के अलग अलग तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि देश के 15 से 20 वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का एक सलाहकार बोर्ड भी बनाया जाए। यह बोर्ड हर दो माह में रिसर्च और तकनीकी आधारित ज्ञान को साझा करेगा। जो प्रदेश में विज्ञान गतिविधियों के प्रसार में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि इस सबके लिए जरूरी है कि विज्ञान शिक्षकों को भी अभियान से जोड़ा जाए।

इसी बैठक में तय किया गया है कि बांस-केला और नारियल से फाइबर बनाने की तकनीक पर काम किया जाएगा। अब परंपरागत फर्नीचर के स्थान पर मानव की जरूरत के मान से फर्नीचर उत्पादन में वैज्ञानिक और तकनीक आधारित बदलाव लाए जायेंगे। मंत्री ने बताया कि विज्ञान फिल्म फेस्टीवल आयोजित करने का निर्णय परिषद द्वारा हर वर्ष युवा वैज्ञानिकों को दिए जाने वाली कनिष्ठ और वरिष्ठ स्तर की शोध अध्येतावृति को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। मंत्री ने परिषद द्वारा स्कूल से लेकर विश्वविद्यालयों और एनजीओ को दिए जाने वाले अनुदान को वास्तविक बनाने के निर्देश दिए।