अरुण यादव ने ठुकराया शिवराज का ऑफर

0
80

खंडवा में सीएम ने दिया था भाजपा में आने का न्योता

मप्र में नगरीय निकाय के चुनाव जोरों पर हैं। बीजेपी और कांग्रेस नगर की सरकार बनाने में पूरी ताकत लगा रहे हैं। खंड़वा में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर तंज कसते हुए निमाड़ के कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद अरूण यादव को बीजेपी में आने का न्योता दिया था। अरूण यादव ने सीएम का ऑफर ठुकराते हुए ट्ववीट किया है। अरूण यादव ने ट्विटर पर लिखा- धन्यवाद शिवराज जी, आपने कांग्रेस के एक छोटे से कार्यकर्ता को सत्ता में आमंत्रित किया है। कांग्रेस पार्टी ने मुझे और मेरे परिवार को बिन मांगे ही बहुत कुछ दिया है। हम सत्ता में ज़रूर आयेंगे, मगर भाजपा के साथ नहीं कांग्रेस की सरकार बनाकर आएंगें ।
अरूण बोले: मेरी एक ही बल्दियत है में कोई शिंदे, सिंधिया नहीं
पूर्व पीसीसी चीफ अरूण यादव ने कहा कि मेरी राजनैतिक अंकसूची में मेरी बल्दियत एक ही है, मेरे उपनाम के आगे ‘यादव’ लिखा जाता है, कोई ‘शिंदे-सिधिया’ नहीं। कांग्रेस मेरी मां है, कांग्रेस ने स्वर्गीय पूज्य पिताजी को विधायक, सांसद, मंत्री और उपमुख्यमंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जैसे पदों पर बिठाया है, मुझे कम उम्र में ही कांग्रेस पार्टी ने सांसद, केंद्रीय मंत्री, पार्टी का राष्ट्रीय सचिव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस की कार्यसमिति जैसी महत्वपूर्ण इकाईयों में जगह दी। मेरे छोटे भाई सचिन यादव को विधायक और मंत्री बनाया। लिहाजा, मेरे परिवार के हर व्यक्ति के शरीर की एक-एक रग में कांग्रेस का खून बहता है और हमें उससे ऊर्जा मिलती है। अपने राजनैतिक और व्यावसायिक हितों के लिए गद्दारी का मेरे उच्च आदर्शों वाले परिवार में किंचित मात्र भी स्थान नहीं हैं। आपकी सत्ता की लालसा और कुटिल राजनैनिक सोच मुझे और मेरे परिवार कभी भी प्रभावित नहीं कर पायेगी। कृपा कर भगवान कृष्ण के वंशजों और देश की आजादी के आंदोलन से गद्दारी करने वाले परिवारों से हमारी तुलना न करें।
खंडवा में सीएम ने कहा था कांग्रेस में क्या कर रहे हो अरूण भैया
मंगलवार को खंडवा में बीजेपी की महापौर प्रत्याशी अमृता यादव के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर जमकर हमला बोला था। सीएम ने कहा था कि कांग्रेस ने कमलनाथ को महाराष्ट्र की सरकार बचाने भेजा था जो अपनी सरकार नहीं बचा पाया उसे महाराष्ट्र भेजा था। कांग्रेस में कमलनाथ का कब्जा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, बीच में नेता प्रतिपक्ष भी कमलनाथ बन गए थे। युवाओं के नेता नकुल नाथ और बाकी कांग्रेस हो गई अनाथ। अरूण भैया क्या कर रहे हो भैया? काैन पूछ रहा है तुम्हें। कांग्रेस में केवल एक ही नाम चलता है वो है कमलनाथ। सीएम ने कहा कि कमलनाथ ने जो योजनाएं बंद कर दीं थीं उन्हें चालू किया जाएगा।