अब बागियों पर भाजपा का फोकस

0
59

मध्यप्रदेश में हो रहे नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के मतदान में अब 24 घंटे से भी कम का समय बाकी है… चुनावी मैदान में प्रदेश के दोनों प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में ताल ठोक रहे है…तो वही इन दोनों पार्टीयों को तीसरे दल के रूप में जहाँ आम आदमी पार्टी टक्कर दे रही है.. वही प्रदेश बीजेपी कार्यालय में चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक की गई… इस बैठक में भी बागियों पर पार्टी का ज्यादा फोकस रहा…
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश की 11 नगर निगमों, 36 नगर पालिकाओं और 86 नगर परिषदों में कल बुधवार 06 जुलाई को प्रथम चरण का मतदान होना है.. जिसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशी पूरा जोर लगा रहे है… लेकिन वही इनके सामने निर्दलीय प्रत्याशी ताल ठोंकते नज़र आ रहे है… वही कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने करीब 200 बागियों के ऊपर कार्यवाही की थी.. मगर अभी भी पार्टी को बागियों की चिंता सता रही है… जिसके कारण चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक में जिला अध्यक्ष को कहा गया कि चुनाव में बागी समीकरण ना बिगाड़े जिसके चलते कई बागियों को मनाने की कवायद जारी है… हालांकि बीजेपी नेता का कहना है कि यदि पार्टी के खिलाफ कोई जाता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, भितरघात करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है..
नगरीय निकाय क्षेत्र में यदि चुनाव प्रचार की बात की जाए तो चुनाव प्रचार में बीजेपी सबसे आगे है.. हालांकि कांग्रेस की तरफ से कमलनाथ ने भी पूरी ताकत झोंक दी है… वहीं बीजेपी के तमाम दिग्गज नेता अपने अपने क्षेत्र में अभी भी बागियों को मनाने में जुटे हैं ,क्योंकि कई ऐसे बाकी है जो खुलकर अभी भी सामने नहीं आ रहे… जिनके कारण जीत का समीकरण ना बिगड़ जाए… जिसके कारण एक बार फिर सभी जिला अध्यक्ष को कहा गया है कि ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए क्योंकि बीजेपी को 2018 के परिणाम भितरघात और बागियों के कारण बहुत भारी पड़ा है…हालांकि इस चुनाव प्रबंध समिति की बैठक बीजेपी के लिए बड़ी महत्वपूर्ण बैठक रही हालांकि कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस पार्टी इस बार एकजुट होकर चुनाव लड़ रही है और बीजेपी में भितरघात बागी इस बार ज्यादा दिख रहे हैं..
फाइनल वीओ- बहरहाल नगरीय निकाय चुनाव के प्रथम चरण में 06 जुलाई और द्वतीय चरण में 13 जुलाई को वोटिंग की जाएगी.. वही मतदान के परिणाम क्रमशः 17 और 18 जुलाई को आएंगे.. लेकिन दोनों ही चरणों में प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों का गणित बागी बिगाड़ते हुए नज़र आएंगे.. हालंकि बीजेपी ने 200 से अधिक अपने बागी प्रत्याशियों पर अनुशासन का दंड़ा चलाते हुए उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया है.. इसके बावजूद भी बीजेपी को बागियों की चिंता सता रही है अब देखना होगा कि बीजेपी पार्टी का कितना समीकरण बिगाड़ पाते हैं ,साथ ही बीजेपी पार्टी डैमेज कंट्रोल कम करने में कितनी सफल होती दिखाई देती है..