सोनिया गांधी ने मेडिकल सीटों में ओबीसी आरक्षण का उठाया मुद्दा, पीएम मोदी को लिखा पत्र

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के मेडिकल कॉलेजों में ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है।

पत्र में उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (NEET) के माध्यम से होने वाले दाखिले में अखिल भारतीय कोटे के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को दिया जाने वाला लाभ सिर्फ केंद्रीय संस्थानों तक सीमित है। सोनिया गांधी के पत्र का समर्थन करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व उनके पुत्र राहुल गांधी ने लिखा, ‘सामाजिक न्याय के लिए सकारात्मक कार्रवाई जरूरी है।’

कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र में कहा है कि अखिल भारतीय कोटे के तहत सभी केंद्रीय एवं प्रादेशिक मेडिकल शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व आíथक रूप से कमजोर वर्गो के लिए क्रमश: 15, 7.5 व 10 फीसद सीटें आरक्षित होती हैं। हालांकि, ऑल इंडिया फे डरेशन फॉर अदर बैकवर्ड क्लासेज की ओर से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक अखिल भारतीय कोटे के तहत ओबीसी छात्रों के लिए आरक्षण सिर्फ केंद्रीय संस्थानों तक सीमित होता है। राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मेडिकल शिक्षण संस्थानों में ओबीसी आरक्षण लागू नहीं होने से वर्ष 2017 के बाद से ओबीसी छात्रों को 11,000 से अधिक सीटें गंवानी पड़ी हैं। कॉलेजों का यह रुख 93वें संवैधानिक संशोधन का उल्लंघन है और इससे योग्य ओबीसी छात्र मेडिकल शिक्षा हासिल करने से वंचित रह जाते हैं।

ओबीसी छात्रों को दिया जाए आरक्षण: सोनिया गांधी

पत्र के अंत में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि समता और सामाजिक न्याय के हित में केंद्र सरकार से आग्रह करती हूं कि राज्यों एवं केंद्र शासित राज्यों के मेडिकल संस्थानों में भी मेडिकल एवं डेंटल के अखिल भारतीय कोटे के तहत ओबीसी छात्रों को आरक्षण सुनिष्चित किया जाए।

बता दें कि केंद्र, राज्य तथा केंद्र शासित राज्यों के चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में अखिल भारतीय कोटा के तहत 15 फीसद अनुसूचित जाति, 7.5 फीसद अनुसूचित जनजाति और 10 फीसद आर्थिक रूप से कमजोर लोगों (EWS) के लिए सीट आरक्षित हैं।