दिल्ली पुलिस के विरोध प्रदर्शन को लेकर गृह मंत्री की चुप्पी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पुलिस के खुद सड़क पर उतरकर अपने लिए न्याय की आवाज उठाने को कांग्रेस ने अभूतपूर्व करार देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा है कि वकीलों के साथ हिंसा और दिल्ली पुलिस के लोगों को पीटे जाने से साफ है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था की हालत कितनी गंभीर है और गृह मंत्री अमित शाह इस पर मौन साधे हुए हैं।

72 साल में पहली बार दिल्ली पुलिस ने अपना मुख्यालय घेरा

दिल्ली पुलिस के जवानों-अधिकारियों के पुराने पुलिस मुख्यालय के सामने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस ने यह राय जाहिर की। कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 72 साल में पहली बार दिल्ली पुलिस ने अपना मुख्यालय घेरा। पुलिस के लोगों को सड़क पर उतर कर खुद अपने लिए न्याय मांगना पड़ रहा है। यह हालत तब है जब दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार के अधीन है।

क्या हो रहा, वकीलों को गोली मारी जा रही, पुलिस को पीटा जा रहा

उन्होंने कहा कि एक ओर वकीलों को गोली मारी जा रही है, तो दूसरी तरफ पुलिस को पीटा जा रहा है। ऐसे में यह सवाल तो उठता ही है कि आखिर देश में यह हो क्या रहा है?

सुरजेवाला बोले, राजधानी में निकला कानून-व्यवस्था का जनाजा

सुरजेवाला ने कहा कि देश की राजधानी में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। पुलिस को ही जब अपने लिए न्याय की मांग करते हुए सड़क पर उतरना पड़ रहा हो तो हालत की गंभीरता समझी जा सकती है। गृह मंत्री अमित शाह इस स्थिति पर पूरी तरह मौन हैं।

अमित शाह की सवाल खड़े करती है

कांग्रेस नेता ने कहा कि गृह मंत्री की चुप्पी सवाल खड़े करती है। इसलिए हम गृह मंत्री से यही कहेंगे कि हालात की गंभीरता को देखते हुए सामने आकर इस पूरे मामले का समाधान निकालें।

दिल्ली हाई कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान

रविवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर मामले की दोपहर तीन बजे विशेष सुनवाई की। इसमें मुख्य पीठ ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कर छह सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। साथ ही जांच पूरी होने तक वकीलों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

वकील दोषी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे

सोमवार को वकीलों ने दोषी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला अदालतों में हड़ताल की। इस दौरान साकेत कोर्ट में वकीलों द्वारा पुलिसकर्मी को पीटने का वीडियो वायरल हुआ। अन्य अदालतों में भी मारपीट की कुछ घटनाएं हुई। नतीजतन मंगलवार को हजारों पुलिसकर्मी सड़क पर उतर आए और पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।