फेसबुक-गूगल की मनमानी को रोकने ऑस्ट्रेलिया-कनाडा को फॉलो करे भारत:DNPA डायलॉग्स में एक्सपर्ट्स बोले- पत्रकारिता की रक्षा के लिए बातचीत जरूरी

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DNPA में एक्सपर्ट्स ने कहा कि भारत को न्यूज शेयरिंग प्लेटफॉर्म्स की मनमानियों को रोकने के लिए ऑस्ट्रेलिया, कनाडा के नक्शेकदम पर चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले फेसबुक और गूगल जैसे मल्टीनेशनल न्यूज शेयरिंग प्लेटफॉर्म्स ने वहां की न्यूज वेबसाइट्स के सामने कंटेंट शेयर करने के बदले पैसे की मांग रखी थी। लेकिन इन देशों की सरकार और वेबसाइट्स ने पैसा देने से इनकार कर दिया। कहा कि वे ब्लैकमेलिंग का शिकार नहीं होंगे।

भारतीय पब्लिशर्स के सामने भी यही चुनौती
भारत और कनाडा के सामने भी ब्लैकमेलिंग के यही हालात बन रहे हैं। DNPA ने सरकार से सहयोग की अपील की है। साथ ही फेसबुक और गूगल जैसे न्यूज शेयरिंग प्लेटफॉर्म्स को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने की मांग रखी है। 9 दिसंबर को एक बार फिर DNPA की यह बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

DNPA का पहला ‘DNPA डायलॉग्स’ सम्पन्न
देश के 17 प्रमुख समाचार प्रकाशकों के समूह डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) का पहला ‘DNPA डायलॉग्स’ शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। इसमें देश के प्रमुख न्यूज पब्लिसर्श के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया के डिजिटल नियामक विशेषज्ञ भी शामिल हुए। वेबनार में मल्टीनेशनल न्यूज शेयरिंग प्लेटफॉर्म्स फेसबुक और गूगल की मनमानियों को लेकर एक्सपर्ट्स के बीच चर्चा हुई। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई नियामक दिग्गज रॉड सिम्स समेत कई प्रमुख एक्सपर्ट्स ने अपनी बात रखी।

बातचीत को राजी नहीं होते गूगल-फेसबुक
ऑस्ट्रेलियाई कम्युनिकेशन मिनिस्ट्री में सीनियर एडवाइजर रहे एम्मा मैकडॉनल्ड ने कहा कि यह विषय चुनौतीपूर्ण है, लेकिन असंभव नहीं। गूगल और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स को बातचीत के टेबल पर लाना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन नामुमकिन नहीं। जब मीडिया कंपनियां कानून की मांग के लिए एक साथ आईं और सरकार ने दबाव बनाया तो रास्ते निकले।

24 ऑस्ट्रेलियाई न्यूज पब्लिशर्स की ओर से गूगल के साथ सफलतापूर्वक बातचीत करने वाले मैकडॉनल्ड ने कहा कि यह पत्रकारिता की रक्षा के लिए बातचीत की शुरुआत है, अंत नहीं।

क्या है DNPA
देश के 17 अग्रणी समाचार प्रकाशकों की डिजिटल इकाइयां DNPA का हिस्सा हैं। यह संगठन ऐसा निष्पक्ष निकाय है, जो डिजिटल परिवेश में समाचार संगठनों और बड़ी टेक कंपनियों के बीच समानता और निष्पक्षता को बढ़ावा देता है।