लाइमलाइट से दूर ऐसे जिंदगी जी रहे हैं 90s के ये कलाकार, जानें उनके बारे में खास बातें

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नई दिल्ली : 90s के उस दौरा का अपना अलग ही मजा था। उस दौर में आने वाली कहानियां काफी अनोखी हुआ करती थीं। उस दौर में धारावाहिकों और म्यूजिक वीडियोज का काफी क्रेज होता था। कुछ सीरियल जैसे ‘शक्तिमान’, ‘चद्रकांता’ काफी दर्शक बेसब्री से इंजतार करते थे। ये ऐसे टीवी शोज थे जो बच्चों को बांध कर रखते थे। क्योंकि उस दौर में टीवी ही एक मात्र मनोरंजन का साधन हुआ करता था। वहीं नब्बे के कलाकारों का भी अलग ही जलवा हुआ करता था लेकिन आज वो कलाकार कहीं खो कर रह गए। तो चहिए बात करते हैं नब्बे के दौर के कुछ कलाकारों की जो आज कही गुम हैं…

एक समय था जब रविवार को सभी अपना काम छोड़कर टीवी के सामने चौकड़ी मार कर ‘महाभारत’ देखने के लिए बैठ जाते थे। वहीं ‘महाभारत’ के बाद 90 के दशक में मुकेश खन्ना एक बार फिर से दमदार रोल के साथ टीवी पर वापसी की और बच्चों के फेवरेट बन गए। ये मुकेश खन्ना का ये किरदार था शक्तिमान का। उस दौरान बच्चे उनके कपड़े और स्टाइल को कॉपी करने लगे थे। मुकेश खन्ना अब मुंबई में एक्टिंग स्कूल चलाते हैं। जिसका नाम है ‘शक्तिमान इंस्टीट्यूट ऑफ एक्टिंग फॉर फिल्म एंड टेलीविजन’ इन ज्वाइंट वेंचर ऑफ के. एच. एंटरटेनमेंट।

इस लिस्ट में दूसरा नाम आता है ‘कसौटी जिंदगी के’ फेम एक्टर सीजेन खान का। सीजने ने ‘कसौटी जिंदगी के’ अनुराग किरदार निभाया था। इसके बाद वह ‘क्या हादसा क्या हकीकत’, ‘पिया के घर जाना है’, ‘एक लड़की अंजानी सी’ और ‘सीता और गीता’ सीरियल में नजर आए। साल 2009 के बाद सीजेन लाइमलाइट से दूर हैं।

टीवी सीरियल ‘चद्रकांता’ की लीड एक्ट्रेस शिखा स्वरूप भी आज एक्टिंग की दुनिया से दूर हैं। 1988 में मिस इंडिया का खिताब अपने नाम कर चुकीं शिखा साल 1994 से 1996 तक टीवी पर प्रसारित किए गए चद्रकांता की लीड एक्ट्रेस थीं। शिखा ने 2012-13 में आए शो ‘रामायण’ में कैकई की भूमिका भी निभाई थी। शिखा सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं हैं परन्तु उनके फैन्स उनकी तस्वीरें शेयर करते रहते हैं।

टेलीविजन की दुनिया में सबसे अच्छी ‘रामायण’ और टीवी पर बेहतरीन राम का किरदार करने वाले की बात होती है तो सबसे पहले एक्टर अरुण गोविल का नाम सबकी जुबान पर आता है। लोगों का मानना है कि आज तक उनके जैसा राम का किरदार न किसी ने निभाया है न कोई निभा सकेगा। ‘रामायण’ के अलावा अरुण ने ‘इतनी सी बात’ ‘श्रद्धांजलि’ ‘जियो तो ऐसे जियो’ ‘सावन को आने दो’ जैसी कई फिल्मों में भी काम किया है। अरुण ने अब खुद को अभिनय से दूर कर लिया है।

‘महाभारत’ में धर्मराज युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान भी आज लाइमलाइट से दूर हैं। एक इंटरव्यू में गजेंद्र चौहान ने बताया था कि इस किरदार ने मेरे करियर पर इतना गहरा असर डाला कि गजेंद्र चौहान की मेरी असल छवि दबकर रह गई। जहां मैं जाता लोग मुझे युधिष्ठिर नाम से बुलाने लगते।